चक्रवाती तूफान अर्णब का आंध्र प्रदेश में कहर, 6,000 बिजली के खंभे गिरे

HIGHLIGHTS
- आईएमडी के अनुसार, तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 120 से 130 किमी प्रति घंटे रही।
- हवा के झोंकों की गति 145 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई।
- सुबह 7 बजे के बाद लैंडफॉल की प्रक्रिया अगले तीन घंटे तक जारी रहने का अनुमान था।
भीषण चक्रवाती तूफान अर्णब ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में लैंडफॉल के दौरान भारी तबाही मचाई। तटीय इलाकों में तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में उठती ऊंची लहरों का असर देखने को मिला।
विशाखापट्टनम और पड़ोसी राज्य ओडिशा के मल्कानगिरी में कई पेड़ उखड़ गए। वहीं, काकीनाडा तट पर तेज हवाओं और अशांत समुद्र के कारण व्यापक नुकसान हुआ।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, बुधवार सुबह चक्रवात आंध्र प्रदेश और यानम तट के पास लगभग स्थिर था। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच बनी हुई थी, जबकि झोंकों के साथ यह 145 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रही थी। सुबह 7 बजे के बाद शुरू हुई लैंडफॉल की प्रक्रिया अगले तीन घंटों तक जारी रहने का अनुमान जताया गया था।
विशाखापट्टनम, काकीनाडा और कोनासीमा में तूफान का असर
विशाखापट्टनम के आरके बीच पर समुद्र में बेहद ऊंची लहरें उठती दिखाई दीं। आंध्र यूनिवर्सिटी के महिला इंजीनियरिंग कॉलेज के पास एक बड़ा पेड़ भी उखड़ गया। काकीनाडा के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बन गई।
आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले में बिजली के ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा। यहां करीब 6,000 बिजली के खंभे गिर गए। प्रशासन ने पगाडाला पेटा समेत सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर पुनर्वास केंद्रों में पहुंचाया।
इस बीच, अगले कुछ घंटों के दौरान सामान्य समुद्री जलस्तर से 1 से 1.5 मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठने और उनके निचले इलाकों में प्रवेश करने की चेतावनी जारी की गई।
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