भारत अब नई तकनीक विकसित कर दुनिया की समस्याओं का समाधान देने की दिशा में बढ़ रहा: पीएम मोदी

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने विज्ञान और तकनीक में भारत की प्रगति पर जोर दिया।
- भारतीय युवाओं के कौशल और आत्मविश्वास की सराहना की।
- मंगल मिशन और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने का जिक्र किया।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित इमर्जिंग साइंस-टेक्नोलॉजी और इनोवेशन कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भारत की प्रगति और युवाओं के आत्मविश्वास पर अपनी बात रखी।
प्रधानमंत्री ने कहा, "आज भारत के युवा जिस स्किल के बारे में सोच रहे हैं और जिस आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं, वह उत्साह बढ़ाने वाला है।"
पहले प्रयास में मंगल ग्रह तक पहुंचा भारत: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "आज हम पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह तक पहुंचते हैं। हम चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचते हैं, जहां कोई नहीं पहुंच पाया।"
उन्होंने कहा कि पहले दुनिया में कोई नई तकनीक विकसित होती थी, तो कुछ वर्षों बाद वह भारत तक पहुंचती थी। इसके बाद हम उसे अपनाते थे या उसमें कुछ सुधार कर आगे बढ़ते थे। लेकिन 21वीं सदी का भारत अब नई सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अब भारत का लक्ष्य देश और दुनिया के लिए, वर्तमान और भविष्य को ध्यान में रखते हुए नई तकनीक विकसित करना, उसकी दिशा तय करना और वैश्विक समस्याओं का समाधान देने की क्षमता तैयार करना है।
कोरोना काल में दूसरे देशों को भी वैक्सीन भेजी: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा, "कोरोना काल में हमने इसका उदाहरण देखा। जब दुनिया के कई देश वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर चुनौतियों का सामना कर रहे थे, तब भारत ने अपनी वैक्सीन विकसित की। देश में बड़े स्तर पर टीकाकरण किया गया और दूसरे देशों को भी वैक्सीन भेजी गई। यही 21वीं सदी के भारत का आत्मविश्वास है।"
ज्ञान और खोज पर आधारित रही है भारत की संस्कृति: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शून्य की खोज, संख्या प्रणाली के विकास और खगोल विज्ञान में प्रगति तक भारत की संस्कृति हमेशा ज्ञान और खोज पर आधारित रही है।
उन्होंने कहा कि आज भारत आधुनिक तकनीक और नए आत्मविश्वास के साथ अपनी वैज्ञानिक विरासत को आगे बढ़ा रहा है। पिछले एक साल के कुछ उदाहरणों से इन बदलावों को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 30 अक्टूबर को देश डॉ. होमी जहांगीर भाभा की जयंती मनाने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में परमाणु ऊर्जा से चर्चा की शुरुआत करना उचित है।
उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर परमाणु ऊर्जा की आवश्यकता है। परमाणु ईंधन के आयात पर निर्भरता देश की ऊर्जा सुरक्षा के सामने एक चुनौती है।
इसीलिए भारत अपनी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तकनीक विकसित कर रहा है। प्रधानमंत्री के अनुसार, कुछ महीने पहले देश के 500 मेगावाट के प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने 'पहली क्रिटिकलिटी' हासिल की। यह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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