NSA अजीत डोभाल को मिला लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार, अमित शाह ने किया सम्मानित

HIGHLIGHTS
- NSA अजीत डोभाल को पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 मिला।
- अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति में डोभाल के योगदान की सराहना की।
- डोभाल ने युवाओं से राष्ट्रहित को निजी हितों से ऊपर रखने की अपील की।
देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को शनिवार को पुणे में लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।
इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति को मजबूत करने में अजीत डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पुरस्कार ग्रहण करने के बाद अजीत डोभाल ने युवाओं से राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखने और निजी हितों से आगे बढ़कर देश निर्माण में योगदान देने की अपील की।
युवाओं से राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की अपील
एनएसए अजीत डोभाल ने सम्मान स्वीकार करते हुए कहा कि वह इस पुरस्कार को विनम्रता के साथ ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि जीवन का उद्देश्य राष्ट्रहित को ध्यान में रखकर तय करना चाहिए और छोटे व्यक्तिगत स्वार्थों से ऊपर उठना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं को संकल्प लेना चाहिए कि वे देश के हित में काम करेंगे। यदि कभी निजी हित और राष्ट्रहित के बीच चुनाव की स्थिति आए तो राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
भारत के सामने विकास का बड़ा अवसर- डोभाल
अजीत डोभाल ने कहा कि भारत इस समय इतिहास के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के सामने विकास और राष्ट्र निर्माण का एक बड़ा अवसर है, जिसे किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में राष्ट्र निर्माण सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए और उन्हें पूरा विश्वास है कि देश इस मिशन में सफल होकर नया इतिहास बनाएगा।
पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व की तारीफ
अजीत डोभाल ने कहा कि देश सौभाग्यशाली है कि उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे नेतृत्व का मार्गदर्शन मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि उन्हें अमित शाह के साथ काम करने का अवसर मिला है और उनकी स्पष्ट सोच तथा देश के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है।
लोकमान्य तिलक के त्याग को किया याद
अजीत डोभाल ने लोकमान्य तिलक को केवल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि समाज सुधारक और दार्शनिक भी बताया।
उन्होंने कहा कि जब पुणे में प्लेग फैला और उनके 21 वर्षीय बेटे की मृत्यु हो गई, तब भी तिलक शहर छोड़कर नहीं गए और लोगों के बीच रहकर उनकी सेवा करते रहे।
डोभाल ने कहा कि आजादी केवल अपनी इच्छानुसार जीवन जीने का नाम नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के त्याग और बलिदान का परिणाम है जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि अधिकारों के साथ जिम्मेदारियों को समझना भी जरूरी है और उनका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक का स्वराज का संदेश केवल नारा नहीं था, बल्कि वह चाहते थे कि हर नागरिक आत्मसम्मान, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ जीवन जिए।
अमित शाह ने डोभाल के योगदान को सराहा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया था।
उन्होंने कहा कि डोभाल ने भारत की विदेश नीति को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े प्रधानमंत्री के महत्वपूर्ण फैसलों में उनका मार्गदर्शन और सलाह अहम रही है।
रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में निभाई भूमिका
अमित शाह ने कहा कि अजीत डोभाल ने इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) में लंबे समय तक सेवा दी और एनएसए बनने के बाद कई रणनीतिक योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि डोभाल ने सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, नई तकनीक को बढ़ावा देने, सेना की परिचालन क्षमता बढ़ाने और देश की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में योगदान दिया।
गृह मंत्री ने कहा कि खुफिया एजेंसियों से जुड़े कार्यों की प्रकृति ऐसी होती है कि डोभाल के कई योगदान कभी सार्वजनिक नहीं किए जा सकते।
उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में मोदी सरकार ने भारत की रक्षा व्यवस्था की रक्षात्मक और आक्रामक दोनों क्षमताओं को मजबूत किया है, जिसमें अजीत डोभाल का बड़ा योगदान रहा है।
छात्र लोकमान्य तिलक के मार्ग पर चलें- अमित शाह
अमित शाह ने छात्रों से लोकमान्य तिलक के बताए रास्ते पर चलने की अपील की।
उन्होंने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का प्रमुख शिल्पकार बताते हुए कहा कि उनका प्रसिद्ध नारा 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा' स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा देने वाला साबित हुआ।
उन्होंने कहा कि इस नारे ने लोगों को यह समझाया कि स्वशासन उनका अधिकार है, किसी की कृपा नहीं।
अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने सार्वजनिक गणेशोत्सव के माध्यम से लोगों को एकजुट किया और उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि भारत आज तिलक द्वारा दिखाए गए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है और तिलक के विचार आज भी युवाओं को प्रेरणा देते हैं।
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