पंजाब सरकार के खिलाफ कर्मचारियों का हल्लाबोल, रैली के बाद विधानसभा जाने से रोका गया
By Hitesh — August 7, 2026

HIGHLIGHTS
- पंजाब में डीए और ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग को लेकर हजारों कर्मचारी और पेंशनर रैली में पहुंचे।
- विधानसभा की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने वाटर कैनन से रोका।
- कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी से अमृतसर तहसील और पटवारखानों में काम प्रभावित हुआ।
Author: — Dainik Dehat
पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता (डीए) नहीं मिलने के विरोध में शुक्रवार को हजारों कर्मचारी और पेंशनर चंडीगढ़ सेक्टर-39 स्थित अनाज मंडी में आयोजित रैली में शामिल हुए। इस दौरान कर्मचारियों ने डीए जारी करने और ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की मांग को लेकर आवाज उठाई।
रैली को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। वहीं कई इलाकों में ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव किया गया। प्रदर्शन के बाद जब कर्मचारियों ने विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की तो पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें रोक दिया।
कर्मचारियों के प्रदर्शन के कारण शहर के कई रास्तों पर जाम की स्थिति बनी रही। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्कूलों की छुट्टी के समय बच्चों को लेने पहुंचे अभिभावकों को भी लंबे रास्ते से होकर जाना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों और मांगों को लेकर कथित देरी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं का कहना था कि लंबे समय से डीए की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है।
कर्मचारी नेता रविंदर लूथरा ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
क्लर्क छुट्टी पर रहे, अधिकारियों ने संभाला काम
अमृतसर में लंबित मांगों को लेकर राज्य स्तरीय रैली में शामिल होने के लिए सामूहिक छुट्टी पर गए कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी का असर सरकारी कामकाज पर भी देखने को मिला। शुक्रवार को अमृतसर तहसील और पटवारखानों में ताले नजर आए।
रोजाना के मुकाबले शुक्रवार को तीनों तहसीलों में दोपहर बाद तक करीब 70 रजिस्ट्रियां ही हो सकीं। इसका सीधा असर सरकार के राजस्व पर पड़ा। सामान्य दिनों में तीनों तहसीलों में लगभग 250 रजिस्ट्रियां होती थीं।
वहीं कर्मचारियों की हड़ताल के समर्थन में गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के नॉन-टीचिंग स्टाफ ने भी काम नहीं किया।
अमृतसर डीड राइटर्स एसोसिएशन के एडवोकेट अरविंदर कुमार ने बताया कि हड़ताल के कारण दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों को पटवारखाने से जमाबंदी और इंतकाल करवाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
डीसी दलविंदर जीत सिंह ने बताया कि हड़ताल के चलते आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें सुबह 9 बजे कार्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। अधिकारियों ने क्लेरिकल स्टाफ की अनुपस्थिति में खुद काम संभाला।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.