अतीक के बेटे अबान की मिट्टी में शामिल होंगे अली और उमर, हाईकोर्ट ने दी पैरोल की मंजूरी
By Hitesh — August 7, 2026

HIGHLIGHTS
- दोनों भाइयों को परिवार से मिलने के लिए सीमित समय के लिए पैरोल दी गई है।
- कोर्ट ने प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- अबान अहमद का अंतिम संस्कार प्रयागराज के चकिया स्थित कसारी मसारी कब्रिस्तान में किया जाएगा।
Author: — Dainik Dehat
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भाई अबान अहमद की मिट्टी में शामिल होने के लिए जेल में बंद अली अहमद और उमर अहमद को पैरोल पर रिहा करने का आदेश दिया है। शुक्रवार को बुआ परवीन कुरैशी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश जारी किया।
न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र समंत की पीठ ने दोनों भाइयों को पैरोल देने का निर्देश दिया। आदेश के अनुसार, दोनों अपने छोटे भाई और परवीन कुरैशी से एक घंटे तक मुलाकात कर सकेंगे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी और इसके बाद दोनों को सुरक्षित जेल पहुंचाया जाएगा।
अली अहमद झांसी जेल में और उमर अहमद लखनऊ जेल में बंद हैं।
परिवार के साथ समय बिताने की अनुमति
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि अगर दोनों भाई अपने दिवंगत भाई को अंतिम श्रद्धांजलि देना चाहते हैं और परिवार के साथ सीमित समय बिताना चाहते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
अदालत ने कहा कि सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जहां जरूरी हो, वहां दोनों नमाज अदा कर सकते हैं और प्रशासन को सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने होंगे।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में आई तकनीकी समस्या
सुनवाई के दौरान अली अहमद झांसी जेल से और उमर अहमद लखनऊ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए।
शुरुआत में झांसी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में तकनीकी परेशानी आने पर अदालत ने नाराजगी जताई। न्यायालय ने पूछा कि केवल आवाज क्यों आ रही है और वीडियो दिखाई क्यों नहीं दे रहा। इसके बाद तकनीकी समस्या को ठीक करने के निर्देश दिए गए, जिसके बाद सुनवाई आगे बढ़ी।
सड़क हादसे में हुई थी अबान अहमद की मौत
अली अहमद ने अदालत को बताया कि वह अपने दिवंगत भाई को अंतिम विदाई देना चाहते हैं और परिवार के साथ कुछ समय बिताना चाहते हैं।
अदालत ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए आवश्यक शर्तों के साथ पैरोल मंजूर कर दी। न्यायालय ने कहा कि पैरोल अवधि के दौरान दोनों भाइयों को अदालत की तय शर्तों का पालन करना होगा और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह लागू रहेगी।
बताया गया कि अबान अहमद की मौत सड़क हादसे में हुई थी। उनका अंतिम संस्कार प्रयागराज के चकिया, खुल्दाबाद स्थित कब्रिस्तान में किया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अली और उमर अहमद पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेंगे।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पैरोल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रशासन सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित करे।
उमर ने अली से कहा- हिम्मत रखो, कल मुलाकात होगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अतीक अहमद के दोनों बेटे अली और उमर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए।
इस दौरान लखनऊ जेल में बंद उमर ने अली से कहा, "अली हिम्मत रखो, कल मुलाकात होगी। मीडिया कुछ भी बुलवाए तो बोलना मत।"
कोर्ट ने आठ अगस्त शनिवार को दोनों को अबान की मिट्टी से पहले या बाद में परिवार के साथ एक-एक घंटे समय बिताने की शर्त पर पैरोल दी है।
कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार को होगा अबान का अंतिम संस्कार
झांसी में सड़क हादसे में मारे गए अबान अहमद का अंतिम संस्कार शनिवार सुबह प्रयागराज के चकिया स्थित कसारी मसारी कब्रिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच किया जाएगा।
शुक्रवार सुबह झांसी से अबान का शव प्रयागराज लाया गया। शव को पुरामुफ्ती के हटवा में रहने वाली बुआ परवीन कुरैशी के आवास पर रखा गया है। सुबह करीब चार बजे परिजन शव लेकर पहुंचे थे।
सुबह से ही अबान के घर पर रिश्तेदारों और लोगों की भीड़ जुटने लगी। भीड़ को देखते हुए हटवा में पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं, चकिया स्थित अतीक अहमद के पुश्तैनी आवास पर भी लोग जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचते रहे।
अबान अहमद को कसारी मसारी स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इसके लिए कब्र की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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