विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने की तैयारी, पीएम मोदी ने बुलाई सचिवों की बैठक

HIGHLIGHTS
- पीएम मोदी ने रिफॉर्म के अगले चरण की तैयारी को लेकर सभी विभागों के सचिवों की बैठक बुलाई।
- सात समूहों की रिपोर्ट पर चर्चा होगी, जिसमें ऊर्जा, सप्लाई चेन, महंगाई और मैन्युफैक्चरिंग जैसे मुद्दे शामिल हैं।
- सचिवों को विभागों की चुनौतियों और सुधारों से जुड़े सुझाव पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संकट के असर से अर्थव्यवस्था को उबारने और विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने के लिए सरकार बड़े सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सभी विभागों के सचिवों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में सचिव रिफॉर्म से जुड़े अपने-अपने प्रस्तुतिकरण देंगे।
फरवरी के अंत में ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद कैबिनेट सचिव ने अलग-अलग सचिवों की अध्यक्षता में सात समूहों का गठन किया था। इन समूहों ने अपनी रिपोर्ट कैबिनेट सचिव को सौंप दी है। मंगलवार को प्रधानमंत्री के सामने इन रिपोर्टों का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा।
सचिवों को दिए गए तीन अहम टास्क
सूत्रों के अनुसार, बैठक से पहले सभी सचिवों को तीन प्रमुख टास्क दिए गए हैं, जो बैठक के मुख्य एजेंडे का हिस्सा होंगे।
पहला टास्क यह है कि सचिव अपने विभाग के लक्ष्यों को पूरा करने में आ रही चुनौतियों और रुकावटों की जानकारी देंगे। साथ ही, इन समस्याओं को दूर करने के उपायों पर भी सुझाव देना होगा।
दूसरे और तीसरे टास्क में सुधार के सुझाव
दूसरे टास्क के तहत सचिवों से पूछा गया है कि वे अपने विभाग की सीमाओं से आगे बढ़कर किस तरह बेहतर काम कर सकते हैं। वहीं, तीसरे टास्क में सचिवों को अपने विभाग के सुधारों के साथ-साथ अन्य विभागों के लिए भी सुझाव और नए विचार देने को कहा गया है।
ऊर्जा, सप्लाई चेन और महंगाई जैसे मुद्दों पर होगी चर्चा
सात समूहों के गठन का उद्देश्य ऊर्जा, सप्लाई चेन, महंगाई, आयात-निर्यात और रक्षा निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।
सबसे बड़ा समूह आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर के नेतृत्व में बनाया गया है, जिसमें 11 सदस्य शामिल हैं। यह समूह देश की वृहद अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने, आयात-निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री को सुझाव देगा।
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल के नेतृत्व वाला समूह एलएनजी, एलपीजी, पेट्रोलियम उत्पादों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े सुझाव प्रधानमंत्री के सामने रखेगा। इस समूह में पेट्रोलियम क्षेत्र की सार्वजनिक कंपनियों के सीएमडी भी शामिल हैं।
इसके अलावा विदेश सचिव के नेतृत्व में विदेश रणनीति और रक्षा सचिव के नेतृत्व में रक्षा क्षेत्र से जुड़े सचिवों के समूह भी बनाए गए हैं।
रिफॉर्म के अगले चरण की तैयारी तेज
शिपिंग सचिव विजय कुमार के नेतृत्व वाले समूह को देश के लॉजिस्टिक विकास की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। सूत्रों के अनुसार, सभी सचिवों के प्रस्तुतिकरण के आधार पर सुधारों के अगले चरण की योजना तैयार की जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में कई सुधार हुए हैं, लेकिन निवेशकों को अब भी फैक्ट्री लगाने में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक व्यवस्था को मजबूत बनाकर मैन्युफैक्चरिंग की कुल लागत को कम किया जा सकता है।
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