गाजियाबाद में चौथे निकाह को लेकर चर्चा में आए हाजी खलील की बढ़ीं मुश्किलें, संपत्तियों की जांच में जुटा नगर निगम

HIGHLIGHTS
- नगर निगम की जांच में बेटे राशिद अली के नाम दर्ज छह दुकानों पर अवैध निर्माण का आरोप सामने आया है।
- निगम ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1959 के उल्लंघन का हवाला देते हुए निर्माण हटाने का निर्देश दिया है।
- हाजी खलील पर सरकारी जमीन पर कब्जे और संपत्तियों को लेकर लगे आरोपों के बाद यह जांच शुरू की गई है।
गाजियाबाद। इस्लाम नगर में 20 वर्षीय युवती से चौथा निकाह करने के बाद चर्चा में आए पूर्व सपा नेता और दो बार पार्षद रह चुके 70 वर्षीय हाजी खलील की संपत्तियों की जांच नगर निगम ने शुरू कर दी है। निगम ने हाजी खलील के बेटे राशिद अली के नाम दर्ज छह दुकानों को अवैध बताते हुए उन पर नोटिस चस्पा कर दिया है। नगर निगम की ओर से इन दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि हाजी खलील के पास करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति है और उन पर सरकारी संपत्तियों को बेचने के आरोप भी लगे हैं।
चौथा निकाह करने के बाद संपत्तियों पर कब्जे के आरोपों के बीच नगर निगम ने हाजी खलील की संपत्तियों की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि उनके बेटे राशिद अली ने कथित तौर पर सरकारी जमीन पर छह दुकानों का अवैध निर्माण कराया है। निगम के अनुसार, नगर निगम की भूमि पर अवैध कब्जा कर दुकानों का निर्माण किया गया, जो उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम-1959 के प्रावधानों का उल्लंघन है।
अवैध निर्माण हटाने का दिया निर्देश
नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में राशिद अली को निर्देश दिया गया है कि वह स्वयं अवैध निर्माण हटाकर भूमि को पहले की स्थिति में बहाल करें। यदि तय समय सीमा में निर्माण नहीं हटाया गया तो नगर निगम अपने स्तर से बुलडोजर चलाकर कार्रवाई करेगा। निगम ने यह भी कहा है कि कार्रवाई में आने वाला खर्च, जुर्माना और अन्य कानूनी व्यय संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा। साथ ही अवैध निर्माण हटाने के दौरान होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी नगर निगम की नहीं होगी।
दुकानों के विवाद से सामने आया मामला
कुछ दिन पहले नाजरीन ने इन दुकानों पर अपना दावा किया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाकर मामले की जानकारी ली। राशिद अली ने पुलिस के सामने दुकानों से जुड़े दस्तावेज पेश किए, जबकि नाजरीन कोई दस्तावेज नहीं दिखा सकीं। नाजरीन ने दावा किया है कि हाजी खलील के पास करीब 50 करोड़ रुपये की संपत्ति है और अब वह ज्यादातर संपत्ति अपनी चौथी पत्नी यासमीन के नाम करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले हाजी खलील ने नगर निगम की करीब 30 करोड़ रुपये की जमीन पर अवैध कब्जा किया था। इन आरोपों के बाद नगर निगम ने जांच शुरू की।
छात्रा से चौथे निकाह का लगा था आरोप
हाजी खलील वर्ष 1995 से 2005 तक दो बार नगर निगम पार्षद रह चुके हैं। आरोप है कि इस दौरान उन्होंने सरकारी संपत्तियों पर कब्जा कर उन्हें बेच दिया था। हाजी खलील की खुद को दूसरी पत्नी बताने वाली नाजरीन ने आरोप लगाया था कि वर्ष 1991 में उनका निकाह हाजी खलील से हुआ था। उनका कहना था कि उस समय उन्हें हाजी खलील की पहली शादी और आठ बच्चों के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी।
संतान नहीं होने पर तीसरी पत्नी को तलाक देने का आरोप
नाजरीन और हाजी खलील के तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। नाजरीन का आरोप है कि वर्ष 2010 में हाजी खलील ने तीसरा निकाह किया था, लेकिन तीसरी पत्नी से संतान नहीं होने के बाद उन्होंने उसे तलाक देकर घर से निकाल दिया। नाजरीन के अनुसार, करीब चार साल पहले जब हाजी खलील एक स्कूल में मैनेजर थे, तब उन्होंने उसी स्कूल की 20 वर्षीय छात्रा से चौथा निकाह कर लिया था। हालांकि, उस समय हाजी खलील ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया था।
नगर निगम का बयान
अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने कहा कि नगर निगम ने अवैध संपत्ति पर नोटिस चस्पा किया है। नगर निगम की संपत्ति पर कब्जा नहीं किया जा सकता। नोटिस का जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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