गाजियाबाद में 5000 करोड़ रुपये की कथित ठगी: दो कंपनियों पर आरोप, ऐसे फंसाए गए निवेशक, 10 पर केस

HIGHLIGHTS
- वैदिक आयुरक्योर और एक्सिस ई-कॉर्पोरेशन समेत 10 लोग नामजद।
- निवेश पर मासिक रिटर्न और 33% छूट का दिया गया था कथित लालच।
- शिकायतकर्ता के अनुसार, करोड़ों रुपये लेकर कंपनियां हुईं गायब।
गाजियाबाद: कविनगर थाने में वैदिक आयुरक्योर कंपनी और एक्सिस ई-कॉर्पोरेशन के खिलाफ कथित 5,000 करोड़ रुपये की निवेश धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। अधिवक्ता महेश कुमार वर्मा की शिकायत पर दस लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने निवेश के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों से ठगी की।
एसीपी कविनगर सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि शिकायतकर्ता महेश कुमार वर्मा के अनुसार, कंपनियों ने नौ हजार रुपये की आईडी पर हर महीने 1100 रुपये का रिटर्न देने और घरेलू सामान पर 33 प्रतिशत तक छूट का दावा किया था। शुरुआती दौर में निवेशकों को तय लाभ भी मिला, जिससे लोगों का भरोसा बढ़ता गया। इसी दौरान पंकज सोनी सेठ ने गाजियाबाद में कई बैठकें आयोजित कीं। निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए कंपनियों ने ग्रोसरी स्टोर भी शुरू किए।
शिकायत के मुताबिक, ग्रोसरी स्टोर खोलने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये के एग्रीमेंट कराए गए। इसके बाद कंपनियां धीरे-धीरे गायब हो गईं और निवेशकों का पैसा वापस नहीं किया गया। महेश कुमार वर्मा का आरोप है कि कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फैजान खान दुबई भाग गए हैं। वह व्हाट्सएप के जरिए वीडियो भेजकर निवेशकों को पैसा लौटाने का भरोसा दे रहे हैं, जबकि कंपनी का ऑनलाइन सिस्टम भी बंद किया जा चुका है।
एफआईआर में फैजान खान समेत कुल दस लोगों को इस कथित धोखाधड़ी का मुख्य षड्यंत्रकर्ता बताया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन लोगों के खिलाफ देश के कई जिलों में पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं।
महेश कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने स्वयं 6.50 लाख रुपये का निवेश किया था। इसके अलावा हरिश हितैषी ने दो लाख रुपये, मांगेराम ने तीन लाख रुपये, जबकि संजय एलआईसी पिलखुवा और उनके स्टाफ ने करीब 36 लाख रुपये निवेश किए। आनंद राणा की टीम ने लगभग एक करोड़ रुपये लगाए थे। शिकायत के अनुसार, गाजियाबाद जिले के सैकड़ों लोगों ने इन कंपनियों में करोड़ों रुपये का निवेश किया था।
पुलिस ने मामले की जांच उपनिरीक्षक हरिओम को सौंपी है।
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