गुरुग्राम: DLF फेज-3 में चला बुलडोजर, अवैध निर्माण हटाए गए; 4.5 किमी क्षेत्र कराया अतिक्रमण मुक्त

HIGHLIGHTS
- गुरुग्राम के DLF फेज-3 में डीटीपीई ने हाईकोर्ट के निर्देश पर बड़ा अभियान चलाते हुए अवैध निर्माणों को हटाया और कई परिसरों को सील किया।
- स्टिल्ट पार्किंग में बने अवैध कमरे, ड्राइंग रूम, सर्वेंट रूम और शौचालय तोड़े गए, वहीं अवैध गेस्ट हाउस व कार्यालयों पर भी कार्रवाई हुई।
- करीब 4.5 किलोमीटर राइट ऑफ वे (ROW) क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया, अब DLF फेज-4 में भी रेस्टोरेशन और सीलिंग अभियान चलाया जाएगा।
गुरुग्राम। गुरुग्राम में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (डीटीपीई) ने शुक्रवार को डीएलएफ फेज-3 में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की। विभाग ने रेस्टोरेशन, सीलिंग और अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया।
हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत डीटीपीई अमित मधोलिया के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में स्टिल्ट पार्किंग में किए गए अवैध निर्माणों को हटाया गया। इसके अलावा चार अवैध व्यावसायिक परिसरों को सील किया गया और करीब 4.5 किलोमीटर राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
स्टिल्ट पार्किंग से हटाए अवैध निर्माण
डीएलएफ फेज-1 से 5 तक चल रहे अभियान के तीसरे चरण में शुक्रवार को एस, टी और सिरिस रोड क्षेत्र में कार्रवाई की गई। पुलिस बल और जिला प्रशासन की मौजूदगी में टीम ने स्टिल्ट पार्किंग में बनाए गए अवैध कमरे, ड्राइंग रूम, सर्वेंट रूम और शौचालयों को हटाया।
इसके साथ ही रिहायशी भवनों में अवैध रूप से संचालित पीजी, गेस्ट हाउस, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर भी कार्रवाई की गई।
कार्रवाई के दौरान एस-7/6 में स्टिल्ट में बने सर्वेंट रूम और शौचालय को हटाया गया। एस-9/20 में बनाए गए ड्राइंग रूम और शौचालय को ध्वस्त किया गया। मौलसरी एवेन्यू-82 में स्टिल्ट में बने तीन सर्वेंट रूम और शौचालय हटाए गए। वहीं एस-7/15 के भवन मालिक ने विभाग की कार्रवाई से पहले ही स्टिल्ट में बनाए गए ड्राइंग रूम को स्वयं हटाकर भवन को मूल स्वरूप में बहाल कर लिया।
अवैध गेस्ट हाउस और कार्यालय सील
सीलिंग अभियान के तहत एस-9/21-22 स्थित भवन के बेसमेंट में चल रहे संजीव टंडन आर्किटेक्ट कार्यालय को सील किया गया। टी-1/1 स्थित 15 कमरों वाले अवैध टाउन हाउस (ओयो) गेस्ट हाउस को पूरी तरह सील कर दिया गया। इसके अलावा टी-7/1 में संचालित 14 कमरों वाले अवैध गेस्ट हाउस पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
विभाग ने टी-2/10 में स्टिल्ट में बने पांच सर्वेंट रूम और एसआर-47 में बने तीन सर्वेंट रूम को भी सील किया।
साढ़े चार किलोमीटर क्षेत्र से हटाया अतिक्रमण
अभियान के दौरान डीएलएफ फेज-3 में करीब 4.5 किलोमीटर राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। सार्वजनिक भूमि पर किए गए कब्जों को हटाने के लिए तीन दर्जन से अधिक मकानों के बाहर कार्रवाई की गई।
इस दौरान गार्ड रूम, ग्रिल, चबूतरे, गमले, सजावटी निर्माण, लोहे के स्ट्रक्चर और अन्य अवैध निर्माण हटाए गए। इससे सड़क और सार्वजनिक भूमि को दोबारा मूल स्वरूप में लाया गया।
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानों पर विरोध भी हुआ। टी-ब्लॉक में स्टिल्ट पार्किंग में किए गए अवैध निर्माण को हटाने के समय एक महिला ने टीम का विरोध किया। अधिकारियों ने बताया कि विभाग की ओर से पहले ही नोटिस जारी किए गए थे और निर्माण हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन तय अवधि में पालन नहीं किया गया।
इसके बाद टीम ने नियमों के अनुसार कार्रवाई जारी रखी। आरओडब्ल्यू से अतिक्रमण हटाने के दौरान भी कुछ लोगों ने आपत्ति जताई, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी में अभियान शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हुआ।
डीटीपीई अमित मधोलिया ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा। स्टिल्ट पार्किंग में अवैध निर्माण, रिहायशी भवनों में चल रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ आगे भी बिना भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी।
डीएलएफ फेज-4 में आज चलेगा अभियान
डीटीपीई की टीम शनिवार को डीएलएफ फेज-4 में रेस्टोरेशन और सीलिंग अभियान चलाएगी। इसके लिए शुक्रवार शाम डीटीपीई अमित मधोलिया ने फेज-4 का निरीक्षण कर रिहायशी भवनों में संचालित अवैध व्यावसायिक गतिविधियों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान भवन संचालकों को अंतिम चेतावनी दी गई कि वे तुरंत अवैध गतिविधियां बंद कर दें, अन्यथा कार्रवाई के दौरान भवनों को सीधे सील कर दिया जाएगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीलिंग की कार्रवाई के समय सामान निकालने के लिए अलग से समय नहीं दिया जाएगा।
विभाग के अधिकारियों के अनुसार करीब 15 दिन पहले डीएलएफ फेज-4 में सार्वजनिक नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस घर-घर पहुंचाए गए, विभिन्न स्थानों पर लगाए गए और मुनादी के जरिए भी लोगों को अवैध गतिविधियां और स्टिल्ट पार्किंग में किए गए निर्माण हटाने के लिए सूचित किया गया था। इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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