FCRA पर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी का भारत ने दिया जवाब, बोला- यह हमारा आंतरिक मामला

HIGHLIGHTS
- विदेश मंत्रालय ने FCRA संशोधन को लेकर भारत की स्थिति स्पष्ट की।
- रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेशी फंडिंग पर नियंत्रण के नियम कई देशों में मौजूद हैं।
- भारत ने भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया।
भारत ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) संशोधन विधेयक को लेकर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि भारत के विधायी मामलों पर निर्णय लेने का अधिकार देश की संसद के पास है और यह पूरी तरह से भारत का आंतरिक विषय है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि विदेशी फंड के प्रवाह को नियंत्रित करने वाले नियम केवल भारत में ही नहीं, बल्कि अमेरिका समेत कई अन्य देशों में भी लागू हैं।
FCRA पर विदेश मंत्रालय ने रखी भारत की स्थिति
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि सरकार ने FCRA संशोधन विधेयक को लेकर अमेरिकी सांसद की टिप्पणी को देखा है। उन्होंने कहा कि भारत से जुड़े विधायी मामलों पर फैसला संसद करती है और ऐसे विषय देश के आंतरिक मामलों का हिस्सा होते हैं।
उन्होंने कहा कि कई देशों ने विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए अपने-अपने कानून बनाए हुए हैं। इनमें अमेरिका भी शामिल है, जहां विदेशी फंडिंग से जुड़े नियम लागू हैं।
समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत ने कही यह बात
भारत ने पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय मिशन लगातार जहाजरानी मंत्रालय, समुद्री प्राधिकरणों और स्थानीय एजेंसियों के संपर्क में हैं।
मंत्रालय के अनुसार, किसी भी जरूरत की स्थिति में भारतीय नाविकों और भारतीय ध्वज वाले जहाजों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था की गई है। भारत ने यह भी दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही तथा व्यापार जारी रहना जरूरी है।
भारतीय नाविकों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन की व्यवस्था
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारतीय मिशन पिछले कई महीनों से 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन संचालित कर रहे हैं। इस सुविधा के जरिए नाविकों के अलावा जरूरतमंद अन्य भारतीय नागरिक भी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
मंत्रालय की ओर से बताया गया कि:
- खाड़ी क्षेत्र में भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं।
- भारतीय ध्वज वाले जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
- 24×7 हेल्पलाइन कई महीनों से संचालित की जा रही है।
- भारत ने सभी पक्षों से नागरिकों, व्यावसायिक जहाजों और समुद्री कर्मियों को निशाना नहीं बनाने की अपील की है।
- अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध व्यापार जारी रखने पर जोर दिया गया है।
शेख हसीना के मीडिया कार्यक्रम पर सरकार ने क्या कहा?
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के 5 अगस्त को हुए मीडिया कार्यक्रम को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह एक निजी मीडिया संस्थान का कार्यक्रम था।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम में सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। साथ ही कहा कि मंच से कही गई बातों, खासतौर पर बांग्लादेश की विधिवत गठित सरकार से जुड़े बयानों का भारत सरकार समर्थन नहीं करती।
भारत ने अमेरिका का उदाहरण क्यों दिया?
FCRA संशोधन पर अपनी बात रखते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि विदेशी फंडिंग को नियंत्रित करने वाले कानून किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं।
मंत्रालय ने अमेरिका का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी विदेशी धन के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए नियम मौजूद हैं। भारत ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कानून राष्ट्रीय हित और नियामक व्यवस्था का हिस्सा हैं।
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