हरियाणा में खुलेंगे 700 नए वीटा बूथ, डेयरी कारोबार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

HIGHLIGHTS
- हरियाणा में रोजगार बढ़ाने के लिए 700 नए वीटा बूथ खोलने की योजना, अब तक 674 बूथ खोले जा चुके हैं।
- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने डेयरी से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन, ऋण सुविधा और दूध बिक्री को बढ़ावा देने की घोषणा की।
- प्रदेश में नए दुग्ध प्लांट, 21 मिल्क चिलिंग सेंटर और 1400 हरहित स्टोर खोलने की दिशा में काम किया जा रहा है।
चंडीगढ़। हरियाणा में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए 700 नए वीटा बूथ खोले जाएंगे। अब तक प्रदेश में 674 वीटा बूथ खोले जा चुके हैं, जबकि जल्द ही 318 नए बूथ शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा 240 बूथों के लिए प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सहकारिता मंत्री अरविंद शर्मा के साथ हुई समीक्षा बैठक में कहा कि सहकारी समितियों के तहत पंजीकृत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा। साझा डेयरी योजना के तहत पंचायती जमीन पर इन समूहों के लिए शेड निर्माण और पशुओं की खरीद के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने सहकारिता विभाग की ओर से सर्दियों में दी जाने वाली तीन रुपये और गर्मियों में दी जाने वाली पांच रुपये की प्रोत्साहन राशि में दो रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की। अब यह राशि क्रमश: पांच रुपये और सात रुपये प्रति लीटर होगी।
दुग्ध मार्केटिंग के लिए भी तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे वीटा दूध को अन्य दूध ब्रांडों की तरह मुनाफे में लाने का प्रयास किया जाएगा।
पैक्स में महिलाओं के समूहों को दूध की डेयरी शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। प्रदेश के 143 स्वयं सहायता समूहों ने दूध बिक्री के लिए सहमति जताई है। वीटा बूथ सेंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।
सहकारी समितियों के माध्यम से प्रतिदिन पांच लाख लीटर दूध की खरीद की जा रही है। जल्द ही आइसक्रीम का उत्पादन भी शुरू किया जाएगा।
21 मिल्क चिलिंग सेंटर होंगे स्थापित
मुख्यमंत्री ने बताया कि रेवाड़ी के बावल में 1.50 लाख लीटर क्षमता का दुग्ध प्लांट लगाया जा रहा है। इसकी क्षमता बढ़ाकर पांच लाख लीटर की जाएगी। वहीं अंबाला में भी 1.50 लाख लीटर क्षमता का प्लांट स्थापित किया जा रहा है।
हर जिले में पांच से 10 हजार लीटर क्षमता वाले 21 मिल्क चिलिंग सेंटर खोले जाएंगे।
राज्य परिवहन के बस अड्डों पर 75 वीटा बूथ खोले जा चुके हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, पर्यटन क्षेत्रों, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों और सिविल अस्पतालों में भी जन औषधि स्टोर की तर्ज पर वीटा बूथ खोलने की योजना है।
इसके साथ ही प्रदेश में 1400 हरहित स्टोर खोले जाएंगे। पंचायतों में आईओसीएल के लिए 300 स्थलों की पहचान भी की गई है।
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