हनुमानगढ़ी नमाज विवाद: महंत राजू दास बोले- सीएम योगी का दावा सही, बृजभूषण से मांगा जवाब

HIGHLIGHTS
- हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि मंदिर में केवल हिंदुओं को प्रवेश की अनुमति है और परिसर में इस संबंध में बोर्ड भी लगाया गया है।
- महंत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने वाले बयान का समर्थन किया और कहा कि नमाज मंदिर के बाहर आश्रम के पास हुई थी।
- राजू दास ने बृजभूषण शरण सिंह के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए उनसे हनुमान जी की कसम खाकर सच्चाई बताने को कहा।
हनुमानगढ़ी मंदिर में प्रवेश को लेकर महंत राजू दास ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में केवल हिंदुओं को ही प्रवेश की अनुमति है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का समर्थन किया, जिसमें हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने की बात कही गई थी।
महंत राजू दास ने बताया कि हनुमानगढ़ी मंदिर का परिसर करीब 52 बीघा क्षेत्र में फैला हुआ है। उन्होंने कहा कि नमाज मंदिर परिसर के अंदर नहीं, बल्कि हनुमानगढ़ी के निकास द्वार के बाहर स्थित आश्रम के पास पढ़ी गई थी। उनके अनुसार यह नमाज मुलायम सिंह यादव और सोनिया गांधी की ओर से पढ़ाई गई थी।
उन्होंने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़े जाने के दावों को खारिज किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह इनकार करना गलत है। महंत ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह को हनुमान जी की कसम खाकर सच्चाई बतानी चाहिए।
मंदिर में प्रवेश को लेकर नियम का जिक्र
महंत राजू दास ने कहा कि हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में एक बोर्ड भी लगाया गया है, जिसमें साफ लिखा है कि यहां केवल हिंदुओं को प्रवेश की अनुमति है।
उन्होंने शंकराचार्य पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह समाजवादी पार्टी के प्रचारक हैं और उनके गुरु कांग्रेस के प्रचारक रहे हैं। इसी वजह से वह नमाज पढ़े जाने की बात से इनकार कर रहे हैं।
नमाज पढ़े जाने के दावों पर महंत का बयान
महंत राजू दास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़ी गई थी। उन्होंने दोहराया कि यह नमाज मंदिर के बाहर आश्रम के पास हुई थी और इसके पीछे मुलायम सिंह यादव और सोनिया गांधी के निर्देश होने का दावा किया।
उन्होंने कहा कि यह दावा पूरी तरह सही है और इस मामले में भ्रम फैलाने वाले बयानों से बचना चाहिए।
शंकराचार्य और बृजभूषण पर साधा निशाना
राजू दास ने शंकराचार्य पर निशाना साधते हुए उन्हें समाजवादी पार्टी से जुड़ा बताया। वहीं, बृजभूषण शरण सिंह से उन्होंने अपने दावों की सच्चाई हनुमान जी की कसम खाकर बताने को कहा।
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