नेहा बोरा का आरोप: RSS से जुड़े युवक ने फेंकी स्याही, लगाया 'जय श्री राम' का नारा

HIGHLIGHTS
- झारखंड में JPSC परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है।
- AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने मार्च के दौरान घटना होने का दावा किया।
- नेहा बोरा ने आरोपी युवक को अमरनाथ पांडेय बताया।
झारखंड में JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान अखिल भारतीय छात्र संघ (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा ने खुद पर स्याही फेंके जाने का आरोप लगाया है। नेहा बोरा का दावा है कि बिरसा मुंडा स्टेडियम से निकाले गए मार्च के दौरान 26 वर्षीय अमरनाथ पांडेय नाम के एक व्यक्ति ने उन पर स्याही फेंकी। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
नेहा बोरा का आरोप- स्याही फेंकने के बाद युवक ने लगाया नारा
नेहा बोरा ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मार्च में मौजूद थीं, तभी अमरनाथ पांडेय नाम के युवक ने उन पर स्याही फेंक दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी RSS से जुड़ा हुआ है। नेहा बोरा के अनुसार, घटना के बाद युवक ने अपने कृत्य को सही ठहराने की कोशिश करते हुए ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया।
उन्होंने बताया कि प्रदर्शन में शामिल लोगों ने युवक को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। हालांकि, आरोपी के RSS से संबंध और घटना को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
नेहा बोरा ने बताया विरोध की आवाज दबाने की कोशिश
घटना के बाद नेहा बोरा ने इसे छात्रों के आंदोलन और विरोध की आवाज को दबाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि वह JPSC परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्रों के बीच अपनी बात रख रही थीं। उन्होंने कहा कि स्याही फेंके जाने के बाद भी उन्होंने अपना संबोधन जारी रखा।
नेहा बोरा के साथ स्नेहा माथुर और भाकपा (माले) विधायक अरूप चटर्जी ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने और उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। नेताओं ने झारखंड में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा और स्याही फेंकने की घटना के पीछे बीजेपी समर्थकों का हाथ होने का आरोप लगाया।
‘सिर्फ 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करना काफी नहीं’
नेहा बोरा ने कहा कि छात्रों की मांग केवल 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरी JPSC परीक्षा प्रणाली में सुधार की जरूरत है, जिससे आने वाले समय में परीक्षाएं निष्पक्ष, पारदर्शी और तय समय पर आयोजित हो सकें।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव के साथ छात्रों की अन्य मांगों पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। नेहा बोरा ने छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
राजनीतिक दलों से छात्रों के समर्थन की अपील
AISA अध्यक्ष ने उन राजनीतिक दलों से छात्रों की मांगों के समर्थन में आगे आने की अपील की, जिन्होंने पिछले महीने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान समर्थन दिया था।
नेहा बोरा ने कहा कि जो दल उस समय छात्रों के साथ खड़े थे, उन्हें अब जैपल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों को भी स्वीकार करना चाहिए और उनके समर्थन में आवाज उठानी चाहिए।
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