हरियाणा कांग्रेस का एक्शन, पराग शर्मा और गजना लांबा को कारण बताओ नोटिस

HIGHLIGHTS
- अनुशासन समिति ने दोनों नेताओं से लिखित स्पष्टीकरण मांगा।
- नोटिस में अमर्यादित व्यवहार और अभद्र भाषा के आरोपों का उल्लेख।
- पार्टी के आंतरिक विवाद को पुलिस और मीडिया तक ले जाने पर जताई आपत्ति।
चंडीगढ़। फरीदाबाद में कांग्रेस के काला दिवस कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद के मामले में हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कार्रवाई की है। प्रदेश कांग्रेस की अनुशासन समिति ने बल्लभगढ़ की पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी पराग शर्मा और फरीदाबाद की पूर्व जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष गजना लांबा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
दोनों महिला नेताओं से कथित अनुशासनहीनता, अमर्यादित व्यवहार और पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के आरोपों पर नोटिस प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर लिखित जवाब देने को कहा गया है। अनुशासन समिति के अध्यक्ष धर्मपाल सिंह मलिक की ओर से जारी नोटिस में बताया गया है कि 8 अक्टूबर को जिला कांग्रेस कमेटी, फरीदाबाद द्वारा आयोजित काला दिवस कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन के समय दोनों नेताओं के बीच विवाद हुआ था।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि पराग शर्मा और गजना लांबा ने अमर्यादित व्यवहार किया, विवाद की स्थिति उत्पन्न की और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। समिति ने इस घटनाक्रम को पार्टी के अनुशासन और संगठनात्मक मर्यादाओं के खिलाफ बताया है। नोटिस के मुताबिक, काला दिवस कार्यक्रम का मकसद शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से विरोध दर्ज कराना था। ऐसे कार्यक्रम के दौरान विवाद होने से पार्टी की छवि के साथ-साथ दोनों नेताओं की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठे हैं।
पुलिस थाने और मीडिया तक पहुंचा विवाद, समिति ने जताई आपत्ति
अनुशासन समिति ने दोनों नेताओं के बीच हुए विवाद को पुलिस थाने तक ले जाने और मीडिया में सार्वजनिक करने पर भी आपत्ति जताई है। समिति का कहना है कि पार्टी के भीतर उत्पन्न विवादों का निपटारा संगठन के सक्षम नेतृत्व और निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए था। मामले को पुलिस और मीडिया तक ले जाने से पार्टी की आंतरिक एकता, संगठनात्मक गरिमा और सार्वजनिक छवि प्रभावित हुई।
नोटिस के जरिए दोनों नेताओं को सात दिनों के भीतर स्पष्ट और तथ्यों पर आधारित जवाब देने का निर्देश दिया गया है। उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। समिति ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा में जवाब नहीं मिलने या स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में उपलब्ध तथ्यों और अभिलेखों के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल, दोनों महिला नेताओं की ओर से जवाब दिए जाने और पार्टी द्वारा आगे की कार्रवाई किए जाने का इंतजार है।
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