किश्तवाड़ में अचानक भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई सड़कें बंद

HIGHLIGHTS
- जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में मंगलवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ले ली, जिसके बाद ठाठरी, द्राबशाला, सैलाना, सरोर, सरथल गाहन सहित कई इलाकों में तेज गर्जना के साथ भारी बारिश हुई।
- इस मूसलाधार वर्षा ने पूरे क्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
- बारिश के चलते कई स्थानों पर नालों में अचानक तेज बहाव आ गया, जिससे पहाड़ों से बहकर आए मलबे, पत्थर और गाद ने सड़कों को पूरी तरह जाम कर दिया।
- कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया और वाहन बीच रास्ते में फंस गए।
- मलबे में फंसे वाहन, स्थानीय लोगों ने संभाली…
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में मंगलवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ले ली, जिसके बाद ठाठरी, द्राबशाला, सैलाना, सरोर, सरथल गाहन सहित कई इलाकों में तेज गर्जना के साथ भारी बारिश हुई। इस मूसलाधार वर्षा ने पूरे क्षेत्र में जनजीवन को प्रभावित कर दिया।
बारिश के चलते कई स्थानों पर नालों में अचानक तेज बहाव आ गया, जिससे पहाड़ों से बहकर आए मलबे, पत्थर और गाद ने सड़कों को पूरी तरह जाम कर दिया। कई मार्गों पर यातायात बाधित हो गया और वाहन बीच रास्ते में फंस गए।
मलबे में फंसे वाहन, स्थानीय लोगों ने संभाली स्थिति
ठाठरी क्षेत्र में हालात अधिक गंभीर रहे, जहां तेज बहाव के साथ आए मलबे ने सड़कों को ढक दिया। जानकारी के अनुसार कुछ वाहन रास्ते में ही फंस गए, जबकि कुछ के मलबे में दबने की भी आशंका जताई गई है।
हालांकि, स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए फंसे यात्रियों और राहगीरों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। स्कूलों की छुट्टी के बाद घर लौट रहे बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिन्हें ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित निकाला गया।
कई इलाकों में सड़कें बंद, यातायात पूरी तरह ठप
द्राबशाला, सैलाना, सरूड़ और सरथल गाहन क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर बनी रही। मच्छीपाल इलाके के पास भारी मात्रा में पत्थर और मलबा सड़क पर आ जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
कई वाहन चालकों को रास्ते में ही रुकना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने सुरक्षित समझकर पहाड़ी क्षेत्रों में शरण ली, हालांकि वहां भी पूरी तरह सुरक्षित स्थिति नहीं थी।
क्लाउडबर्स्ट की आशंका, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश इतनी तेज थी कि ऐसा लग रहा था जैसे कहीं बादल फट गया हो। सोशल मीडिया पर भी क्लाउडबर्स्ट की चर्चाएं तेज रहीं, हालांकि समाचार लिखे जाने तक प्रशासन या किसी आधिकारिक स्रोत से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
फिलहाल क्षेत्र में केवल अत्यधिक बारिश और अचानक नालों में आए तेज बहाव को ही कारण माना जा रहा है।
राहत कार्य जारी, प्रशासन अलर्ट पर
हालात को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया है। उपायुक्त किश्तवाड़ पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि द्राबशाला-ठाठरी क्षेत्र में मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए मशीनरी तैनात कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि एनएचआईडीसीएल और पीएमजीएसवाई की टीमें जेसीबी और अन्य मशीनों के साथ सड़कों से मलबा हटाने में जुटी हुई हैं, ताकि जल्द से जल्द आवागमन सामान्य किया जा सके।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभी तक किसी तरह के जान-माल के बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है, जो राहत की बात है। हालांकि मौसम को देखते हुए लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
डीसी ने लोगों से कहा है कि वे मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
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