दुर्गा पूजा तक हो सकता है मोदी कैबिनेट का विस्तार, 20 अक्टूबर तक घोषणा की उम्मीद

HIGHLIGHTS
- मोदी कैबिनेट का विस्तार 20 अक्टूबर तक होने की संभावना जताई गई है।
- एल. मुरुगन ने कैबिनेट और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया।
- शिक्षा मंत्रालय में फेरबदल की अटकलें हैं।
नई दिल्ली। लंबे समय से प्रतीक्षित नरेंद्र मोदी कैबिनेट का विस्तार दुर्गा पूजा के शुभ अवसर पर हो सकता है। इसके 20 अक्टूबर तक होने की संभावना जताई जा रही है। मंगलवार को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री एल. मुरुगन के कैबिनेट के साथ-साथ राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देने के बाद विस्तार की घोषणा तय मानी जा रही है।
माना जा रहा है कि मुरुगन की जगह राज्यसभा में किसी ऐसे व्यक्ति को लाया जा सकता है, जिसे शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जाए। मोदी कैबिनेट 3 में यह पहला और संभवतः आखिरी विस्तार होगा। इस बात की भी पूरी संभावना है कि पहली बार कैबिनेट में पूरी क्षमता के अनुसार 80-81 मंत्री शामिल हों। फिलहाल तीन मंत्री पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं।
कई मंत्रियों की छुट्टी तय
हरदीप पुरी और बीएल वर्मा को इस बार राज्यसभा में दोबारा नहीं भेजा गया है। ऐसे में दोनों विस्तार होने तक मंत्री बने रह सकते हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा भी विस्तार तक ही मंत्री पद पर रहेंगे।
शिक्षा मंत्रालय में हो सकता है फेरबदल
कैबिनेट विस्तार के दौरान सबसे अधिक नजर मध्य प्रदेश से खाली हुई मुरुगन की सीट पर सदन पहुंचने वाले व्यक्ति पर रहेगी। संभावना है कि इस सीट पर आने वाले व्यक्ति को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जाए। फिलहाल केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी के पास शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार है। इसके अलावा सहयोगी दलों से भी कुछ नए मंत्रियों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।
कैबिनेट विस्तार से बदल सकता है राजनीतिक विमर्श
संभावित कैबिनेट विस्तार का एक और पहलू चर्चा में है। लंबे समय से इस विस्तार का इंतजार किया जा रहा है। इससे न केवल सरकार के भीतर कामकाज में बदलाव आएगा, बल्कि राजनीतिक विमर्श को नई दिशा देने में भी मदद मिल सकती है।
पिछले दस दिनों से विपक्ष लगातार सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है। वहीं, सोशल मीडिया पर चुनावी पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में कैबिनेट विस्तार से एक नया राजनीतिक विमर्श खड़ा हो सकता है।
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