'जहाजों पर हमले तुरंत रुकें', भारतीयों की मौत पर ईरान को विदेश मंत्रालय की दो टूक

HIGHLIGHTS
- होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले को लेकर भारत ने ईरान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया, एक भारतीय नागरिक की मौत हुई।
- विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और सभी पक्षों से बातचीत व कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की।
- POK प्रदर्शनों, दक्षिण चीन सागर और खाड़ी देशों से जुड़े मुद्दों पर भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट की।
नई दिल्ली। विदेश मंत्रालय (MEA) ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमले, पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POK) में प्रदर्शन और दक्षिण चीन सागर विवाद समेत कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत क्षेत्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और शांति व स्थिरता के लिए संवाद का समर्थन करता है।
होर्मुज हमले पर ईरान से जताई नाराजगी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा और निर्बाध आवाजाही बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ वैश्विक व्यापार प्रभावित होता है, बल्कि दुनिया की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा भी जुड़ी हुई है।
उन्होंने बताया कि भारत ने जहाजों पर हुए हमले के मामले में ईरान के उप मिशन प्रमुख को तलब कर अपनी चिंता और कड़ा विरोध दर्ज कराया है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि इस तरह के हमले तुरंत रुकने चाहिए और तनाव कम करने के लिए सभी पक्षों को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
हमले में एक भारतीय की मौत, कई घायल
रणधीर जायसवाल ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जिन दो जहाजों पर हमला हुआ, उनमें कुल 30 भारतीय नाविक मौजूद थे। एक जहाज पर सवार 12 भारतीयों में से एक की मौत हो गई, जबकि दूसरे जहाज पर मौजूद 18 भारतीय नाविकों में से 9 घायल हुए हैं। इनमें कुछ की हालत गंभीर बताई गई है।
उन्होंने कहा कि वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों में भारतीय नाविकों ने सबसे ज्यादा जान गंवाई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि सटीक आंकड़े बाद में साझा किए जाएंगे। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, फरवरी 2026 से खाड़ी क्षेत्र में अब तक 13 भारतीयों की मौत हुई है और तीन लोग लापता हैं।
POK के प्रदर्शनों पर पाकिस्तान को घेरा
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर भी विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया दी। रणधीर जायसवाल ने कहा कि ये प्रदर्शन लंबे समय से जारी शोषण, लोगों के अधिकारों के उल्लंघन और प्रशासनिक दबाव का परिणाम हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय पाकिस्तान सरकार ने बल प्रयोग का रास्ता अपनाया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान को मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए जवाबदेह ठहराने की अपील की है।
दक्षिण चीन सागर पर भारत का रुख साफ
दक्षिण चीन सागर विवाद पर भारत ने कहा कि समुद्री मार्गों और हवाई क्षेत्र में आवाजाही की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सुनिश्चित होनी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने कहा कि समुद्री विवादों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से और संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून समझौते (UNCLOS) के तहत होना चाहिए।
मंत्रालय ने मध्यस्थता न्यायाधिकरण के फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह संबंधित पक्षों के बीच विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का आधार बन सकता है।
जयशंकर की खाड़ी यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर की खाड़ी देशों की हालिया यात्रा को लेकर रणधीर जायसवाल ने बताया कि उन्होंने कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान का दौरा किया। इस दौरान वहां के शीर्ष नेताओं और विदेश मंत्रियों के साथ व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहित कई मुद्दों पर बातचीत हुई।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और ऊर्जा सुरक्षा इन बैठकों के प्रमुख विषय रहे। भारत ने खाड़ी देशों के साथ सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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