'गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट देता है, मंत्री नहीं'; राहुल गांधी के आरोपों पर जितेंद्र सिंह का पलटवार

HIGHLIGHTS
- राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में जवाब दिया।
- जितेंद्र सिंह ने कहा कि गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं, बल्कि मजिस्ट्रेट देता है और कोई फायरिंग नहीं हुई थी।
- उन्होंने राहुल गांधी के बयान और संसदीय भाषा को लेकर भी सवाल उठाए।
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जवाब दिया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि छात्रों पर फायरिंग का आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में कहा कि गोली चलाने का आदेश मंत्री नहीं बल्कि मजिस्ट्रेट देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान कोई गोली नहीं चलाई गई थी, बल्कि स्थिति संभालने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था।
जितेंद्र सिंह ने कहा, "बार-बार यह साफ किया गया कि कोई गोली नहीं चलाई गई। आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था। चूंकि कोई गोली नहीं चलाई गई इसलिए आदेश जारी करने का सवाल ही नहीं उठता। ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होता है, मंत्री के पास नहीं।"
पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी पर निशाना
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री आवास के बाहर बैठने को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 21 जुलाई को विपक्ष के नेता किसी सोच के तहत प्रधानमंत्री आवास 7 LKM के बाहर जाकर बैठ गए थे।
उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा था कि उनकी इच्छा थी कि देश उन्हें चुने और 7 LKM में बैठाए। जब यह इच्छा पूरी नहीं हुई तो वे निराश हो गए और गेट पर जाकर बैठ गए। जितेंद्र सिंह ने कहा कि जब उन्हें समझाने की कोशिश की गई कि ऐसा व्यवहार उनके कद के अनुरूप नहीं है, तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें बस हटा दिया जाए।
संसदीय भाषा को लेकर उठाए सवाल
जितेंद्र सिंह ने राहुल गांधी के बयान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब इतने महत्वपूर्ण बिल पर चर्चा हो रही थी, तब सुझाव देने के बजाय राजनीति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता की ओर से इस्तेमाल की गई असंसदीय भाषा हैरान करने वाली है। जितेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी को संसदीय कामकाज के बुनियादी नियमों की जानकारी है।
उन्होंने कहा कि देश के भविष्य माने जाने वाले युवाओं को 'मूर्ख' कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
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