के. राजू की नाराजगी के बीच झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर बदलाव की चर्चा तेज

HIGHLIGHTS
- झारखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को हटाए जाने की चर्चा तेज, प्रदेश प्रभारी के. राजू की नाराजगी को माना जा रहा है वजह।
- एसआईआर तैयारी, चंदा चोरी और प्रश्नपत्र लीक जैसे मुद्दों पर आंदोलन नहीं खड़ा कर पाने से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठे।
- के. राजू 20 से 23 जुलाई तक झारखंड दौरे पर रहेंगे, इस दौरान संगठन और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर कई बैठकें करेंगे।
रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश की कुर्सी को लेकर पार्टी के अंदर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि उनकी विदाई की संभावना बढ़ रही है। इसके पीछे हाल के झारखंड दौरे के दौरान प्रदेश प्रभारी के. राजू की नाराजगी को वजह माना जा रहा है।
पिछले दौरे में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू प्रखंड अध्यक्षों के साथ होने वाली बैठक को बीच में छोड़कर वापस लौट गए थे। इसी घटनाक्रम के बाद पार्टी में यह चर्चा शुरू हुई कि प्रदेश अध्यक्ष को बदला जा सकता है।
हालांकि, दूसरी ओर के. राजू को लेकर भी कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की नाराजगी की बातें सामने आ रही हैं। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व का ध्यान हटाने के लिए प्रदेश प्रभारी की नाराजगी को मुद्दा बनाया जा रहा है। इससे पहले झारखंड दौरे के दौरान भी के. राजू कार्यक्रम बीच में छोड़कर चले गए थे।
बताया जा रहा है कि उनकी नाराजगी का एक बड़ा कारण एसआइआर को लेकर पार्टी की तैयारियों में कमी थी। वे चाहते थे कि एसआइआर को लेकर कांग्रेस की सभी इकाइयां सक्रिय होकर इसे बड़े आंदोलन का रूप दें, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आया। इससे प्रदेश प्रभारी की नाराजगी और बढ़ गई।
उस बैठक के दौरान पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद और योगेंद्र प्रसाद के व्यवहार को लेकर भी आरोप लगे थे, जिसके बाद प्रभारी ने नाराजगी जताई और वापस लौट गए थे।
चंदा चोरी और प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर भी नाराजगी
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी की नाराजगी का एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व की प्राथमिकता के बावजूद प्रदेश कांग्रेस राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोप और प्रश्नपत्र लीक मामले को बड़े आंदोलन का रूप नहीं दे सकी।
केंद्रीय नेतृत्व इन दोनों मुद्दों पर लगातार प्रदर्शन के पक्ष में है, लेकिन प्रदेश स्तर पर इन मुद्दों को लेकर गतिविधियां कमजोर होती जा रही हैं। इन्हीं वजहों से प्रदेश प्रभारी नाराज बताए जा रहे हैं।
चार दिवसीय दौरे पर झारखंड आएंगे के. राजू
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के स्थायी आमंत्रित सदस्य और झारखंड प्रभारी के. राजू 20 जुलाई से 23 जुलाई 2026 तक चार दिवसीय दौरे पर झारखंड पहुंचेंगे। इस दौरान वे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआइआर) प्रक्रिया और संगठन को मजबूत करने को लेकर कई बैठकें करेंगे।
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने बताया कि के. राजू 20 जुलाई को सुबह 11:10 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे स्टेट गेस्ट हाउस जाएंगे, जहां उनका ठहराव रहेगा।
दौरे के पहले दिन सुबह 11:30 बजे वे प्रदेश कमेटी के मीडिया और सोशल मीडिया विभाग के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में एसआइआर प्रक्रिया को आम जनता तक पहुंचाने को लेकर चर्चा होगी।
इसके बाद दोपहर एक बजे वे विधायकों के साथ विधानसभा क्षेत्रवार समीक्षा बैठक करेंगे। शाम तीन बजे पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ धुर्वा स्थित निर्वाचन सदन जाएंगे। वहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से मुलाकात कर एसआइआर से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपेंगे।
समय पर जवाब नहीं मिलने पर मंत्री राधा कृष्ण किशोर नाराज
झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर की सरकार से नाराजगी का मामला फिर सामने आया है। उन्होंने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर अधिकारियों द्वारा समय पर जवाब नहीं देने की प्रवृत्ति पर आपत्ति जताई है।
मंत्री ने अपने पत्र में कहा है कि सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों के पत्रों और सुझावों पर अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं और समय पर जवाब नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने गुरुवार को लिखे पत्र में कहा कि इस संबंध में पहले भी 18 जनवरी 2021 और 28 जून 2021 को स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कई अधिकारी जनप्रतिनिधियों की सूचनाओं और सुझावों पर समय से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
राधा कृष्ण किशोर ने अपने पत्र में 'परिपत्र संग्रह पुस्तिका' का भी उल्लेख किया है। इससे पहले मंत्री ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने को लेकर राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की थी।
उन्होंने कहा कि प्रमुख सचिवों की ओर से लगातार पत्र लिखे जाने के बावजूद कई अधिकारी फोन पर जनप्रतिनिधियों को उचित जवाब नहीं देते हैं। मंत्री ने पत्र में लिखा कि राज्य में व्यवस्था की जड़ें खतरे में हैं। इस पत्र की एक प्रति झारखंड विधानसभा अध्यक्ष को भी भेजी गई है।
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