कांवड़ यात्रा: 70 की उम्र में भी नहीं टूटा हौसला, किसी ने बहन तो किसी ने पति की सलामती के लिए उठाई कांवड़

HIGHLIGHTS
- चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर दिखीं आस्था की अनोखी तस्वीरें
- दिल्ली की 70 वर्षीय महादेवी तीसरी बार लेकर आईं कांवड़
- छड़ी के सहारे और पैरों में छालों के बावजूद जारी रखी यात्रा
मुजफ्फरनगर। कांवड़ यात्रा के दौरान आस्था और भक्ति की ऐसी कई तस्वीरें देखने को मिल रही हैं, जो लोगों को भावुक कर रही हैं। कोई उम्र की परवाह किए बिना भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए पैदल यात्रा कर रहा है तो कोई अपने परिवार की खुशहाली और अपनों के स्वास्थ्य की कामना लेकर हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहा है। चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग पर ऐसे कई शिवभक्त मिले, जिन्होंने अपनी आस्था और संकल्प की कहानी साझा की।
70 साल की महादेवी बोलीं- उम्र बढ़ी है, हौसला नहीं
दिल्ली के जसवंत नगर निवासी 70 वर्षीय महादेवी हाथ में छड़ी, झुकी कमर और पैरों में छाले होने के बावजूद लगातार पैदल यात्रा कर रही थीं। वह सीने से गंगाजल की कैन बांधकर अपनी बेटी हेमलता और रिश्तेदार राजरानी के साथ हरिद्वार से दिल्ली लौट रही थीं।
महादेवी ने बताया कि यह उनकी तीसरी कांवड़ यात्रा है। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा पूरे परिवार पर बनी हुई है। उम्र जरूर बढ़ गई है, लेकिन उनका हौसला आज भी पहले जैसा है। उन्होंने कहा कि अगर स्वास्थ्य ने साथ दिया तो वह अगले साल भी कांवड़ लेकर आएंगी।
बीमारी से राहत मिलने के बाद हर साल कांवड़ लाने का संकल्प
महादेवी की बेटी हेमलता ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से बीमार थीं, लेकिन अब बाबा भोलेनाथ की कृपा से वह स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि जब तक शरीर साथ देगा, वह हर साल कांवड़ यात्रा करती रहेंगी।
उनके साथ दिल्ली की नंदनगरी निवासी 60 वर्षीय राजरानी भी दूसरी बार कांवड़ यात्रा कर रही हैं। उनका कहना है कि गंगा मैया और भोले बाबा की कृपा से परिवार के सभी काम पूरे हो रहे हैं।
बहन की सलामती के लिए साहिल ने उठाई कांवड़
दिल्ली निवासी 16 वर्षीय साहिल अपनी बीमार बहन के लिए हरिद्वार से कांवड़ लेकर आया है। उसने बताया कि उसकी बहन लंबे समय से बीमार चल रही है। वह भगवान भोलेनाथ से उसकी जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहा है। साहिल ने कहा कि मनोकामना पूरी होने पर वह अगले साल भी कांवड़ यात्रा करेगा।
किसी ने पति तो किसी ने परिवार के लिए मांगी मन्नत
इटावा की 70 वर्षीय महादेवी तीसरी बार कांवड़ यात्रा कर रही हैं। वहीं, दिल्ली के बुराड़ी निवासी 73 वर्षीय रामबिहारी अपनी 70 वर्षीय पत्नी ओमवती के साथ पहली बार साथ में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौट रहे हैं।
वहीं, गाजियाबाद की 60 वर्षीय रामवती ने बताया कि उनके पति फालिज से पीड़ित हैं और लंबे समय से बिस्तर पर हैं। उन्होंने भगवान भोलेनाथ से पति के जल्द स्वस्थ होने की मन्नत मांगी है। उनका विश्वास है कि भगवान शिव उनकी प्रार्थना जरूर सुनेंगे।
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