राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ी कार्रवाई, रमाशंकर के ठिकाने से नकदी बरामद

HIGHLIGHTS
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दो आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ की।
- रमाशंकर मिश्रा के ठिकाने से नकदी और सीसीटीवी-डीवीआर मिलने की जानकारी सामने आई।
- सुभाष श्रीवास्तव से राम मंदिर में गणना प्रक्रिया और कर्मचारियों की तैनाती को लेकर पूछताछ की गई।
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। बुधवार को कस्टडी रिमांड पर लिए गए आरोपी रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव से लंबी पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ले जाकर जांच प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रमाशंकर मिश्रा के ठिकाने से तलाशी के दौरान नकदी और कुछ अन्य सामान बरामद होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, गणना प्रभारी रहे सुभाष श्रीवास्तव को राम मंदिर ले जाकर चढ़ावे की गणना से जुड़ी प्रक्रिया को दोबारा समझा गया।
सुबह जेल से कस्टडी रिमांड पर निकाले गए आरोपी
सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी और एसओजी प्रभारी अमरेश त्रिपाठी बुधवार सुबह जिला जेल पहुंचे। जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को कस्टडी रिमांड पर लिया गया।
मेडिकल जांच के बाद दोनों को पुलिस लाइन लाया गया, जहां अधिकारियों ने कई घंटे तक पूछताछ की। जांच टीम ने दोनों आरोपियों से अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर सवाल किए, ताकि उनके बयानों का मिलान किया जा सके।
रमाशंकर के घर पहुंची पुलिस, नकदी मिलने का दावा
पूछताछ के दौरान पुलिस को रमाशंकर मिश्रा के पास अतिरिक्त नकदी होने की जानकारी मिली। इसके बाद टीम उसे मीरापुर रामसखा बगिया स्थित उसके किराये के मकान पर लेकर पहुंची।
पुलिस ने उसके पिता की मौजूदगी में घर की तलाशी ली। सूत्रों के मुताबिक, तलाशी के दौरान कमरे से कुछ नकदी, एक बैग और अन्य सामान मिला है। इसके अलावा घर में लगे सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर को भी जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। हालांकि, बरामद रकम की आधिकारिक जानकारी पुलिस की ओर से साझा नहीं की गई है।
सुभाष को राम मंदिर ले जाकर समझी गई गणना व्यवस्था
दूसरी ओर, आरोपी सुभाष श्रीवास्तव को दोपहर बाद राम मंदिर परिसर ले जाया गया। उसे गणना कक्ष में ले जाकर वहां की पूरी प्रक्रिया को दोबारा दोहराने को कहा गया।
जांच टीम ने उस रजिस्टर की भी जांच की, जिसमें गणना कार्य में शामिल कर्मचारियों की ड्यूटी और तैनाती का रिकॉर्ड दर्ज था। पुलिस ने सुभाष से यह जानने की कोशिश की कि चढ़ावे की गिनती किस तरह होती थी, पैकिंग और जमा करने की प्रक्रिया क्या थी और किस कर्मचारी की क्या जिम्मेदारी होती थी।
करीब आधे घंटे तक मंदिर परिसर में पूछताछ के बाद पुलिस उसे उसके अंजनीपुरम स्थित घर भी लेकर गई। वहां तलाशी ली गई, लेकिन किसी तरह की बड़ी बरामदगी नहीं होने की जानकारी सामने आई।
अब टिन्नू और मनीष की रिमांड पर नजर
इस मामले में अब मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव की संभावित कस्टडी रिमांड को लेकर जांच एजेंसियों की नजर बनी हुई है।
जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि दोनों से पूछताछ के बाद चोरी की रकम, संभावित निवेश, संपत्तियों और पूरे नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं। माना जा रहा है कि आगे की जांच में इन दोनों आरोपियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है।
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