बिहार में महिलाओं के लिए बड़ा फैसला, अब सभी वर्गों को मिलेगा सिविल सेवा प्रोत्साहन का लाभ

HIGHLIGHTS
- सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना का लाभ अब सभी वर्गों की महिला अभ्यर्थियों को देने का प्रस्ताव है।
- सामान्य, ईडब्ल्यूएस और पिछड़ा वर्ग की महिला अभ्यर्थियां भी योजना के दायरे में आएंगी।
- 2021-22 से अब तक 4513 महिला अभ्यर्थियों को योजना का लाभ मिल चुका है।
पटना। मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के अंतर्गत संचालित सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना का दायरा बढ़ाने का फैसला किया गया है। अब इसका लाभ सभी वर्गों की महिला अभ्यर्थियों को मिल सकेगा।
फिलहाल इस योजना का लाभ निर्धारित आरक्षित वर्गों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) और दिव्यांगजन अभ्यर्थियों तक ही सीमित था।
इस व्यवस्था के चलते सामान्य वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और पिछड़ा वर्ग की वे महिला अभ्यर्थी, जिन्होंने कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा पास की थी, प्रोत्साहन राशि से वंचित रह जाती थीं। इसी को देखते हुए समाज कल्याण विभाग ने योजना का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इस फैसले से सामान्य वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और पिछड़ा वर्ग की उन महिला अभ्यर्थियों को भी योजना का लाभ मिल सकेगा, जो केंद्रीय संघ लोक सेवा आयोग और बिहार लोक सेवा आयोग के अलावा अन्य प्रशासनिक, बैंकिंग, रक्षा तथा दूसरी महत्वपूर्ण सेवाओं की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रही हैं।
समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता के अनुसार, विभाग ने सामान्य वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग और पिछड़ा वर्ग की महिला अभ्यर्थियों को भी सिविल सेवा प्रोत्साहन राशि योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है।
इस प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाली सभी वर्गों की महिला अभ्यर्थियां योजना का लाभ ले सकेंगी। वर्ष 2021-22 से अब तक 4513 महिला अभ्यर्थियों को योजना का लाभ दिया जा चुका है और 23.395 करोड़ रुपये की राशि दी जा चुकी है।
परीक्षा के आधार पर मिलेगी प्रोत्साहन राशि
भारतीय अभियंत्रण सेवा संघ (आइईएस), भारतीय आर्थिक सेवा, भारतीय सांख्यिकी सेवा और कंबाइंड जियो-साइंटिस्ट समेत निर्धारित यूपीएससी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली महिला अभ्यर्थियों को 75 हजार से एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव है।
सीडीएस, एनडीए, सीबीआई और अन्य राज्यों की राज्य सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है।
वहीं, रिजर्व बैंक ग्रेड-बी, एसबीआई और निर्धारित रेलवे भर्ती परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का प्रस्ताव है।
वर्तमान में यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली महिला अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। वहीं, बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल महिला अभ्यर्थियों को 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.