पार्टी छोड़ने वालों पर बरसीं ममता, बोलीं- अभिषेक को बदनाम किया जा रहा

HIGHLIGHTS
- टीएमसी में बढ़ती बगावत के बीच ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी का खुलकर बचाव किया।
- पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के आरोपों को ममता ने जिम्मेदारी से बचने की कोशिश बताया।
- केंद्रीय एजेंसियों के दबाव का आरोप लगाते हुए ममता ने कहा कि वह राजनीतिक संघर्ष जारी रखेंगी।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी असंतोष और नेताओं के लगातार पार्टी छोड़ने के बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी खुलकर अपने भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के समर्थन में उतर आई हैं। उन्होंने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अभिषेक को निशाना बनाना कुछ नेताओं की अपनी जिम्मेदारियों से बचने की कोशिश है।
हाल के दिनों में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने टीएमसी से दूरी बनाई है। इनमें ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले कुछ नेता भी शामिल हैं। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने संगठन में बढ़ती असंतुष्टि और नेतृत्व शैली को अपनी नाराजगी की वजह बताया है, जिसमें अभिषेक बनर्जी का नाम भी प्रमुखता से लिया गया।
इन आरोपों का जवाब देते हुए ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अभिषेक लगातार पार्टी और कार्यकर्ताओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं तथा उन्हें गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। ममता के अनुसार, यदि उनसे अतीत में कोई त्रुटि हुई भी हो तो उस मुद्दे को बार-बार उठाने का कोई औचित्य नहीं है।
केंद्रीय जांच एजेंसियों का जिक्र करते हुए टीएमसी सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं पर दबाव बनाकर राजनीतिक पाला बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियों के डर और राजनीतिक दबाव के कारण कई नेता पार्टी छोड़ने का फैसला कर रहे हैं।
ममता बनर्जी ने बिना किसी का नाम लिए संकेतों में उन नेताओं पर भी निशाना साधा जिन्होंने हाल में टीएमसी छोड़ी है। उन्होंने कहा कि पार्टी और जनता का भरोसा तोड़ने वाले नेताओं के लिए उन्हें दुख है और इसके लिए उन्होंने लोगों से खेद भी जताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने अतीत में बेहद कठिन परिस्थितियों में संगठन को खड़ा किया था और आज भी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी में रहने का फैसला कार्यकर्ताओं और नेताओं का अपना है, लेकिन संगठन की ताकत जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं से ही आती है।
अपने संबोधन के अंत में ममता ने कहा कि वह राजनीतिक लड़ाई से पीछे हटने वाली नहीं हैं और विपक्षी दलों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता ही भविष्य में टीएमसी को और मजबूत बनाएंगे।
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