ग्रुप फोटो के बाद मोदी और जिनपिंग ने की बातचीत, शहबाज शरीफ रहे दूर

HIGHLIGHTS
- बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात हुई।
- ग्रुप फोटो के बाद मोदी और शी जिनपिंग साथ चलते हुए बातचीत करते नजर आए।
- मंच पर पीएम मोदी के बगल में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन खड़े थे।
बिश्केक। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। 26वें SCO शिखर सम्मेलन में शामिल हुए विश्व नेताओं के साथ पीएम मोदी ने ग्रुप फोटो में हिस्सा लिया। इसके बाद मोदी और शी जिनपिंग साथ-साथ चलते हुए एक-दूसरे का हालचाल लेते नजर आए। इस दौरान ग्रुप फोटो में शामिल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी वहां हाथ बांधे खड़े दिखाई दिए।
न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि सभी वैश्विक नेता फोटो के लिए एक साथ खड़े हुए। तस्वीर खिंचने के बाद जब नेता वहां से जाने लगे, उसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत हुई। वहीं, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनकी बातचीत के दौरान नजरअंदाज होते दिखाई दिए।
पेजेशकियन के साथ खड़े थे पीएम मोदी, जिनपिंग से मुस्कुराकर की बातचीत
वीडियो के मुताबिक, SCO शिखर सम्मेलन के ग्रुप फोटो के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के ठीक बगल में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन खड़े थे। दूसरी तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पास खड़े नजर आए। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ग्रुप फोटो में बीच में दिखाई दिए।
ग्रुप फोटो के बाद हुई इस संक्षिप्त मुलाकात में पीएम मोदी और शी जिनपिंग दोनों मुस्कुराते नजर आए। दोनों नेताओं ने अनौपचारिक बातचीत भी की। इस दौरान पीएम मोदी और शहबाज शरीफ के बीच कोई बातचीत दिखाई नहीं दी।
एक दिन पहले मोदी और पुतिन के बीच हुई थी मुलाकात
SCO सम्मेलन से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध प्रमुख मुद्दा रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध को समाप्त करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की जरूरत पर जोर दिया था।
गलवान हिंसा के बाद तनाव में आए भारत-चीन संबंध
भारत और चीन के संबंधों में वर्ष 2020 से तनाव बना हुआ है। जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना के बाद सीमा पर सैन्य तनाव बढ़ा और द्विपक्षीय संबंध भी प्रभावित हुए।
इसके बाद सीमा से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक बातचीत हुई है। हालांकि, सीमा विवाद अब भी भारत-चीन संबंधों का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।
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