यूपी में बाढ़ से बिगड़े हालात: 17 जिले प्रभावित, चित्रकूट में 80 से ज्यादा घर गिरे; ये नदियां उफान पर

HIGHLIGHTS
- चित्रकूट के परसौंजा गांव में मंदाकिनी का पानी फैलने से 100 से अधिक परिवार प्रभावित हुए।
- बाढ़ में 80 से ज्यादा कच्चे मकानों के गिरने की जानकारी है।
- मानिकपुर के कई गांवों में बिजली और जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई।
उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। कई जिलों में हो रही भारी बारिश के कारण गंगा, यमुना और मंदाकिनी नदियां उफान पर हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ ने परसौंजा गांव में भारी नुकसान पहुंचाया है। अब तक 100 से अधिक परिवार बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जबकि 80 से ज्यादा कच्चे मकान गिर गए हैं।
हालात इतने खराब हैं कि घरों में रखा अनाज बर्बाद हो गया। गृहस्थी का सामान, कपड़े और दूसरी जरूरी चीजें भी तेज बहाव में बह गईं। रामघाट, तरीहा, गोबारिया समेत मानिकपुर के कई गांवों में बिजली व्यवस्था ठप होने से जलापूर्ति भी बंद हो गई है। लोगों के मोबाइल तक चार्ज नहीं हो पा रहे हैं।
वहीं, प्रयागराज में गंगा और यमुना का पानी आबादी वाले इलाकों तक पहुंच गया है। लोगों को नावों के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
रायबरेली में बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। बलरामपुर के महराजगंज तराई क्षेत्र के तीन गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। पूर्वांचल में भी गंगा, गोमती और सरयू का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बलिया में गंगा और सरयू तथा वाराणसी में वरुणा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके चलते नदी किनारे के इलाकों से लोगों का पलायन शुरू हो गया है।
गाजीपुर में गंगा का जलस्तर खतरा बिंदु 63.105 मीटर से नीचे है। रविवार शाम सुहवल के डूहिया सरैया के पास गंगा के टापू पर 12 चरवाहे और 2000 से अधिक भेड़ें फंस गई थीं। पुलिस और प्रशासन ने नाइट विजन ड्रोन की मदद से करीब छह घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
बाढ़ के कारण रेवतीपुर-मां कामाख्या धाम मार्ग पर आवागमन बंद है। वहीं, गोमती नदी में उफान के चलते गौरी-तेतारपुर मार्ग भी डूब गया है।
बाढ़ राहत अभियान तेज, लाखों लोगों को सहायता
प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता दी है। प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय किया गया है और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। भोजन, आश्रय, स्वास्थ्य सुविधाओं और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था लगातार की जा रही है।
उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, रविवार तक 17 जिले बाढ़ से प्रभावित थे। अब तक किसी जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है। करीब 1.70 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए 1,633 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। वहीं, 525 नाव और मोटरबोट के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य चलाया जा रहा है।
वाराणसी के सभी घाट डूबे
वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बरसाती और सहायक नदियों में उफान का असर अब वाराणसी में भी दिखाई देने लगा है।
प्रयागराज में कर्णावती नदी में दो किशोरियां बहीं, तीन बचाईं
सुरवां दलापुर गांव में सोमवार को कजरी पर्व के लिए जौ की जरई डुबाने गईं पांच किशोरियों में से दो तेज बहाव में बह गईं। एक किशोरी को डूबता देखकर उसे बचाने की कोशिश में चार अन्य भी नदी के बहाव की चपेट में आ गईं।
ग्रामीणों ने तीन किशोरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं, शैलेंद्र मिश्र की बेटी शुभी मिश्रा (14) और राजेश तिवारी उर्फ बबोले की बेटी अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी (14) का देर शाम तक पता नहीं चल सका।
वाराणसी में 361 परिवारों ने किया पलायन
वाराणसी में सोमवार रात नौ बजे तक गंगा का जलस्तर 70.15 मीटर पहुंच गया था, जो चेतावनी बिंदु से केवल 11 सेंटीमीटर नीचे है। वहीं, वरुणा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 70.21 मीटर से बढ़कर 70.95 मीटर पहुंच गया।
जलस्तर बढ़ने के कारण सामनेघाट, पुलकोहना, सलारपुर समेत 10 से अधिक तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इन इलाकों से 361 परिवारों के 1,574 लोग सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए हैं। कई परिवार पिछले दो सप्ताह से बाढ़ राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.




















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.