मुजफ्फरनगर: जौहर यूनिवर्सिटी कार्रवाई के विरोध में AIMIM का प्रदर्शन, बोले- शिक्षा पर बुलडोजर नहीं चलना चाहिए

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर में AIMIM कार्यकर्ताओं ने जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित कार्रवाई के विरोध में ज्ञापन सौंपकर रोक लगाने की मांग की।
- पार्टी नेताओं ने कहा कि मामला राजनीति का नहीं, बल्कि शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए संस्थान को बचाने के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए।
- AIMIM ने मांग की कि शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाए और विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जाए।
मुजफ्फरनगर में मंगलवार को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध किया। दोपहर करीब 12 बजे पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बुलडोजर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान AIMIM के पश्चिमी उत्तर प्रदेश महासचिव इंतजार अंसारी ने कहा कि यह मामला किसी व्यक्ति, राजनीतिक दल या विचारधारा से जुड़ा नहीं है, बल्कि शिक्षा और देश के भविष्य से संबंधित है। उन्होंने कहा कि जिस संस्थान में हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं, उसे बचाने के लिए सरकार को सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।
इंतजार अंसारी ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के भवनों के नक्शे या अन्य तकनीकी औपचारिकताओं को लेकर कोई समस्या है तो सरकार अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए नियमों के अनुसार उसका समाधान निकाल सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को तोड़ना अंतिम विकल्प होना चाहिए।
राजनीतिक नजरिए से नहीं, शिक्षा के हित में देखने की अपील
इंतजार अंसारी ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले को हिंदू-मुस्लिम राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे सरकार की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार से अपील की कि मामले को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि छात्रों और शिक्षा के हितों को ध्यान में रखते हुए देखा जाए।
नाम बदलने का विकल्प, लेकिन संस्थान को न तोड़ा जाए
AIMIM जिलाध्यक्ष मौलाना इमरान कासमी ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी आजाद भारत में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित हुई है, जहां गरीब और मध्यम वर्ग के हजारों छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अगर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई की जाती है तो इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को विश्वविद्यालय के नाम को लेकर कोई आपत्ति है तो नाम बदलने जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन इतने बड़े शैक्षणिक संस्थान को खत्म करना उचित नहीं होगा।
शैक्षणिक संस्थानों को विवादों से दूर रखने की मांग
प्रदर्शन के दौरान AIMIM कार्यकर्ताओं ने मांग की कि शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक विवादों से दूर रखा जाए और विद्यार्थियों के भविष्य को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने सरकार से शिक्षा से जुड़े संस्थानों के हित में निर्णय लेने की अपील की।
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