मुजफ्फरनगर: सुमन विहार रास्ता विवाद गहराया, बंद मार्ग को लेकर दो पक्ष आमने-सामने

HIGHLIGHTS
- मुजफ्फरनगर की सुमन विहार कॉलोनी में बंद रास्ते को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है।
- रुक्मेश चौहान पक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रास्ता नहीं खोलने की मांग करते हुए सुरक्षा कारणों का हवाला दिया।
- प्रशासन से अपील की गई है कि किसी भी निर्णय से पहले दोनों पक्षों और स्थानीय निवासियों की राय सुनी जाए।
मुजफ्फरनगर की सुमन विहार कॉलोनी में बंद रास्ते को लेकर चल रहा विवाद अब और गहराता जा रहा है। रास्ता खुलवाने की मांग के बाद अब दूसरा पक्ष भी सामने आ गया है और उसने मौजूदा स्थिति को बनाए रखने की मांग उठाई है।
शुक्रवार दोपहर शहर के होटल गैलेक्सी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रुक्मेश चौहान पक्ष ने बंद रास्ते को यथावत रखने की बात कही। उनका कहना है कि यह मार्ग लंबे समय से बंद है और कुछ लोग निजी कारणों से इसे दोबारा खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रेस वार्ता में मौजूद लोगों ने दावा किया कि संबंधित रास्ते के सामने कंपनी बाग की दीवार है, जिसे हटाकर मार्ग खोलने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रशासन पर भी निर्णय बदलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की जताई आशंका
रुक्मेश चौहान पक्ष के लोगों ने कहा कि यदि रास्ता खोला गया तो कॉलोनी की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उनका तर्क है कि कंपनी बाग की ओर से आवाजाही शुरू होने पर बाहरी लोगों की संख्या बढ़ सकती है, जिससे स्थानीय निवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या पक्ष का विरोध करना नहीं है, बल्कि कॉलोनी के लोगों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान व्यवस्था को बनाए रखना है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि किसी भी निर्णय से पहले दोनों पक्षों की बात सुनी जाए।
बड़ी संख्या में लोगों ने रखा पक्ष
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुमन विहार कॉलोनी के कई महिला और पुरुष निवासी मौजूद रहे। उन्होंने भी रास्ता बंद रखने के पक्ष में अपनी सहमति जताई और प्रशासन से स्थानीय लोगों की राय को प्राथमिकता देने की मांग की।
गौरतलब है कि इससे पहले रास्ता खुलवाने की मांग करने वाले पक्ष ने कंपनी बाग तक सीधी पहुंच, बुजुर्गों की सुविधा और आम लोगों की आवाजाही का हवाला देते हुए बंद मार्ग को दोबारा खोलने की मांग की थी। अब इस मामले में दोनों पक्षों की अलग-अलग राय सामने आने के बाद विवाद और बढ़ गया है।
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