NEET UG 2026 रिजल्ट पर छात्र का दावा, 603 अंक से घटकर 32 हुआ स्कोर

HIGHLIGHTS
- गोरखपुर के नीट यूजी-2026 अभ्यर्थी ने रिजल्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया, दावा किया कि पहले 603 अंक दिखे और बाद में स्कोर 32 हो गया।
- छात्र हर्षित ठकुराई ने मामले को लेकर एनटीए को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी, लेकिन स्पष्ट कारण नहीं मिलने का आरोप लगाया।
- परिवार ने परिणाम में बदलाव की निष्पक्ष जांच कर स्थिति साफ करने की मांग की, वहीं छात्र परिणाम के बाद मानसिक तनाव में है।
नीट यूजी-2026 के रिजल्ट को लेकर गोरखपुर के एक अभ्यर्थी ने परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। छात्र का कहना है कि रिजल्ट जारी होने के समय उसके अंक 603 दिख रहे थे, लेकिन बाद में संशोधित परिणाम में स्कोर घटकर 32 अंक हो गया। इस मामले को लेकर छात्र ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजी है।
मोहद्दीपुर निवासी हर्षित ठकुराई ने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था। वह दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान में रहकर नीट की तैयारी कर रहे थे। हर्षित के मुताबिक, पहले प्रयास में उन्हें 530 अंक मिले थे, जबकि दूसरे प्रयास में 466 अंक प्राप्त हुए थे। तीसरे प्रयास के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी।
छात्र ने बताया कि बृहस्पतिवार रात नीट यूजी-2026 का परिणाम जारी होने के बाद वेबसाइट पर ज्यादा लोड होने के कारण रिजल्ट देखने में परेशानी हुई। कई बार प्रयास करने के बाद देर रात करीब तीन बजे उनका परिणाम खुला, जिसमें 603 अंक और 91.77 परसेंटाइल दिखाई दे रहे थे। उन्होंने इसका स्क्रीनशॉट भी सुरक्षित कर लिया था।
हर्षित का दावा है कि शुक्रवार सुबह जब उन्होंने दोबारा वेबसाइट पर लॉग इन कर परिणाम डाउनलोड किया तो उनका स्कोर बदलकर 32 अंक हो चुका था। उनकी मां विमल देवी का कहना है कि पहले दिखाया गया परिणाम सही था और परिवार को भी उसी के आधार पर आगे की उम्मीद थी।
दो बार ईमेल करने के बाद भी नहीं मिला स्पष्ट जवाब
विमल देवी ने बताया कि उन्होंने एनटीए को दो बार ईमेल के जरिए शिकायत भेजी। दोनों बार एजेंसी की ओर से जवाब में छात्र के अंक 32 ही बताए गए। उनका आरोप है कि एनटीए की ओर से यह जानकारी नहीं दी गई कि परिणाम में बदलाव किस वजह से हुआ। उन्होंने कहा कि मामले के समाधान के लिए वे लगातार प्रयास कर रही हैं।
परिणाम में बदलाव के बाद तनाव में छात्र
परिजनों के अनुसार, शुरुआती परिणाम देखने के बाद परिवार में खुशी का माहौल था और उन्हें उम्मीद थी कि हर्षित को किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिल सकेगा। उनका कहना है कि परीक्षा निरस्त होने के बाद हर्षित ने दोबारा मेहनत से तैयारी की थी, लेकिन संशोधित परिणाम आने के बाद वह मानसिक तनाव में है।
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