नए आपराधिक कानूनों से FIR से सुप्रीम कोर्ट तक 3 साल में मिलेगा न्याय: अमित शाह

HIGHLIGHTS
- अमित शाह ने भोपाल में नए आपराधिक कानूनों पर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
- उन्होंने पशुपालकों के सम्मेलन को भी संबोधित किया।
- शाह ने BNS के पूरी तरह लागू होने की बात कही।
भोपाल। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था पहले देरी के लिए जानी जाती थी, लेकिन नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद FIR दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय तीन साल के भीतर मिल जाएगा।
अमित शाह भोपाल के BHEL क्षेत्र स्थित दशहरा मैदान में नए आपराधिक कानूनों पर लगाई गई प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद पशुपालकों के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
गृह एवं सहकारिता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे शाह ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) के पूरी तरह लागू होने के बाद देश की आपराधिक न्याय व्यवस्था दुनिया की सबसे आधुनिक प्रणालियों में शामिल होगी।
2029 के बाद नशीले पदार्थों का दुरुपयोग खत्म करने का लक्ष्य
देशभर में नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि सरकार एक विस्तृत योजना पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्य प्रदेश में नशीले पदार्थों का दुरुपयोग पूरी तरह खत्म हो जाए।
तीन साल में मिलेगा न्याय- शाह
शाह ने कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था कभी ‘तारीख पे तारीख’ वाले ताने के लिए जानी जाती थी। अब नए आपराधिक कानूनों के पूरी तरह लागू होने के बाद FIR दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक न्याय तीन साल के भीतर मिलने लगेगा।
नए आपराधिक कानून- भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) देश में 1 जुलाई 2024 से लागू हुए हैं।
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