मुजफ्फरनगर में कूड़ा वाहनों के इस्तेमाल पर उठे सवाल, एडीएम ने दिए जांच के आदेश

HIGHLIGHTS
- डीकेओ फाउंडेशन के जिला अध्यक्ष राधेश पप्पू ने 10 सितंबर को डीएम को शिकायत दी थी।
- शिकायत में वाहनों के सफाई कार्य में इस्तेमाल नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
- अपर उपजिलाधिकारी सदर कृष्णकांत विश्वकर्मा को जांच की जिम्मेदारी मिली है।
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था के लिए खरीदे गए टिपर और कूड़ा वाहनों के इस्तेमाल को लेकर शिकायत के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि करोड़ों रुपये की लागत से खरीदे गए इन वाहनों को सफाई कार्य में लगाने के बजाय कंपनी बाग में खड़ा किया गया है। मामले में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) देश दीपक सिंह ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी अपर उपजिलाधिकारी सदर कृष्णकांत विश्वकर्मा को सौंपी गई है।
10 सितंबर को डीएम को दी थी शिकायत
डीकेओ फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस के जिला अध्यक्ष राधेश पप्पू ने 10 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर शिकायत की थी। उन्होंने वाहनों की खरीद से लेकर उनके मौजूदा इस्तेमाल तक की स्थिति की जांच कराने की मांग की थी। साथ ही किसी स्तर पर अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई थी।
आरोपों की बिंदुवार जांच के निर्देश
एडीएम प्रशासन ने जांच अधिकारी को शिकायत में लगाए गए आरोपों की बिंदुवार जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल के साथ मौके की स्थिति का भी परीक्षण किया जाएगा। जांच रिपोर्ट में आवश्यक संस्तुति देने के लिए भी कहा गया है।
नगर पालिका से मांगे जाएंगे खरीद के दस्तावेज
जांच के लिए नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी को संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने और जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें वाहनों की खरीद से जुड़ी फाइलें, स्वीकृति, खरीद प्रक्रिया, भुगतान संबंधी दस्तावेज, वाहन संख्या और अन्य रिकॉर्ड शामिल हो सकते हैं।
खरीद से लेकर मौजूदा इस्तेमाल तक होगी जांच
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कितने टिपर और कूड़ा वाहन खरीदे गए, इनकी खरीद पर कितनी राशि खर्च हुई और खरीद व भुगतान की प्रक्रिया क्या रही। इसके अलावा वाहनों की वर्तमान स्थिति, सफाई कार्य में उनका इस्तेमाल और कंपनी बाग में उन्हें खड़ा किए जाने के कारण व अवधि की भी जांच की जाएगी।
फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की प्रशासनिक जांच शुरू कर दी गई है। आरोप सही हैं या नहीं, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.























Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.