जामिया में भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से मिलेंगे राहुल गांधी, कैंपस के बाहर सुरक्षा कड़ी

HIGHLIGHTS
- जामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है।
- दिल्ली पुलिस ने गैरकानूनी जमावड़े को रोकने के लिए बीएनएसएस की धारा 163 लागू की है।
- धारा 163 लागू होने के कारण ओखला हेड से कुलपति आवास तक प्रस्तावित मार्च नहीं हो सका।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी आज जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। वह यहां भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात करने वाले हैं। छात्रों के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच उनका यह दौरा प्रस्तावित है। मिली जानकारी के अनुसार, राहुल गांधी जामिया के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, जामिया के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू है।
जामिया में छात्र संघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर आंदोलन जारी
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। कैंपस के बाहरी हिस्से में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने किसी भी तरह के गैरकानूनी जमावड़े को रोकने के लिए बीएनएसएस की धारा 163 लागू की है।
इस धारा के लागू होने के कारण ओखला हेड से कुलपति आवास तक मंगलवार को प्रस्तावित मार्च नहीं हो सका। इस दौरान कुछ छात्रों को सुरक्षाकर्मियों ने हिरासत में भी लिया। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन ने बाहरी लोगों के प्रवेश को रोकने के लिए गेटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी है।
कैंपस के बाहर पुलिस की तैनाती, बैरिकेडिंग भी की गई
जामिया कैंपस के प्रवेश द्वारों के बाहर पुलिस ने बैरिकेडिंग की है और बीएनएसएस की धारा 163 से संबंधित बैनर लगाए हैं। लाउडस्पीकर के जरिए बार-बार लोगों से शांति बनाए रखने और पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील की जा रही है।
फुटपाथ के किनारे पुलिस वाहन खड़े किए गए हैं, ताकि छात्रों की भीड़ जमा न हो और वे कैंपस में प्रवेश न कर सकें। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने गेट नंबर सात, आठ और दस को अपने कब्जे में ले लिया है। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है।
जामिया मेट्रो स्टेशन से लेकर विश्वविद्यालय के बाहरी हिस्से तक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां भी शामिल हैं।
लोहे की टिन शेड से ढका गया गेट का हिस्सा
बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने के कारण आंदोलनकारी छात्रों के समर्थन में प्रस्तावित मार्च नहीं हो पाया। ओखला हेड पर भी सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।
कैंपस में अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन बाउंड्री वॉल और गेटों की सुरक्षा मजबूत कर रहा है। मंगलवार को 4सी गेट के एक हिस्से को लोहे की टिन शेड से पूरी तरह ढक दिया गया। लोहे की ग्रिल को हटाकर अंदर प्रवेश करने की आशंका रोकने के लिए उसके आसपास दीवार भी बनाई गई है।
इसके साथ ही बाउंड्री वॉल को ऊंचा किया जा रहा है और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।
विभागों की इमारतों पर कब्जे के दावे को छात्रों ने नकारा
छात्रों ने जामिया प्रशासन के उस दावे को खारिज किया है, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने राजनीति विज्ञान और अर्थशास्त्र विभागों की इमारतों पर कब्जा कर ताले लगा दिए हैं। छात्रों का कहना है कि वे विभागों के गलियारों में बैठकर आंदोलन कर रहे हैं और उन्होंने किसी विभाग पर कब्जा नहीं किया है।
मंगलवार को छात्रों से बातचीत करने के लिए शिक्षकों की एक टीम भी पहुंची थी। छात्रों का कहना है कि छात्र संघ चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के बाद ही वे अपना आंदोलन समाप्त करेंगे।
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