रांची छात्र आंदोलन: अनशनकारी राहुल की तबीयत बिगड़ी, ICU में भर्ती

HIGHLIGHTS
- पलामू निवासी राहुल लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन में अनशन पर बैठे थे।
- तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें रांची सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
- डॉक्टरों ने राहुल की स्थिति को देखते हुए आईसीयू में इलाज शुरू किया।
रांची। जेपीएससी, जेएसएससी समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में रांची में जारी छात्रों के आंदोलन के बीच अब अनशन कर रहे छात्रों की खराब होती सेहत चिंता का विषय बन गई है।
अनशन पर बैठे छात्रों में शामिल पलामू निवासी राहुल की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी राहुल से मिलने सदर अस्पताल पहुंचने वाले हैं।
राहुल की तबीयत बिगड़ने की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन भी हरकत में आया। एसडीओ और एसडीएम सदर अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से राहुल के स्वास्थ्य की जानकारी ली। अधिकारियों ने इलाज की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
वहीं, आंदोलन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से अनशन पर बैठे छात्रों की हालत लगातार खराब हो रही है, लेकिन धरना स्थल पर पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था नहीं की गई है। छात्रों ने मांग की है कि धरना स्थल पर 24 घंटे डॉक्टरों और मेडिकल टीम की तैनाती की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उपचार मिल सके।
छात्रों का कहना है कि स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही से किसी भी समय गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
फिलहाल तीन छात्र आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को लेकर सरकार की ओर से सकारात्मक कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनका अनशन और आंदोलन जारी रहेगा।
राहुल के अस्पताल में भर्ती होने के बाद अन्य अनशनकारियों के स्वास्थ्य की जांच भी तेज कर दी गई है। आंदोलन स्थल पर मौजूद छात्रों का कहना है कि प्रशासन को केवल अस्पताल तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि धरना स्थल पर भी लगातार चिकित्सा निगरानी की व्यवस्था करनी चाहिए।
छात्रों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते पर्याप्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई तो अन्य अनशनकारियों की स्थिति भी गंभीर हो सकती है।
राहुल के आईसीयू में भर्ती होने के बाद छात्रों के बीच चिंता और बढ़ गई है। अब आंदोलन को लेकर प्रशासन की अगली कार्रवाई और सरकार के रुख पर सभी की नजर बनी हुई है।
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