रेखा आर्य ने पति गिरधारी लाल साहू पर लगाए गंभीर आरोप, कैंट थाने में FIR दर्ज

HIGHLIGHTS
- रेखा आर्य ने पुलिस को बताया कि उनका विवाह गिरधारी लाल साहू से 2004 में हुआ था।
- मंत्री का आरोप है कि पति ने पहली शादी की बात उनसे छिपाई थी।
- कंपनी के निदेशक पद से हटाने के लिए फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का दावा किया गया है।
देहरादून: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने अपने पति गिरधारी लाल साहू पर जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की साजिश रचने के आरोप लगाए हैं। मंत्री की शिकायत के आधार पर कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति पहले से विवाहित थे और वर्तमान में भी दूसरी महिलाओं से उनके संबंध हैं। मंत्री का दावा है कि अब वह एक महिला के साथ मिलकर उन्हें जान से मारने की योजना बना रहे हैं।
रेखा आर्य ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति ने कई दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें पदों से हटवा दिया, जबकि उन्होंने किसी भी पद से इस्तीफा नहीं दिया था।
2004 में हुआ था विवाह, पहली शादी की जानकारी छिपाने का आरोप
मंत्री ने पुलिस को बताया कि उनका विवाह 2004 में बरेली निवासी गिरधारी लाल साहू से हुआ था। उनके अनुसार, साहू ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। पहली शादी से उनके बच्चे भी हैं। रेखा आर्य का कहना है कि जब उन्हें इस बारे में पता चला, तब तक उनके भी बच्चे हो चुके थे। ऐसे में उन्होंने लोक-लिहाज के चलते चुप रहना उचित समझा।
मंत्री ने आरोप लगाया कि वह अनुसूचित जाति से आती हैं, जबकि गिरधारी लाल साहू दूसरी जाति से हैं। उनके मुताबिक, पिछले कुछ समय से साहू के व्यवहार में बदलाव आने लगा। बाद में उन्हें पता चला कि साहू के दूसरी महिलाओं से भी संबंध हैं।
रेखा आर्य के अनुसार, जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो साहू ने मौखिक और लिखित रूप से माफी मांगी। हालांकि, उनका आरोप है कि इसके बाद भी साहू के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।
मारपीट और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप
मंत्री ने शिकायत में आरोप लगाया कि जब उन्होंने साहू की गतिविधियों का विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने गाली-गलौज करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया।
रेखा आर्य के मुताबिक, साहू कई बार उनके सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां आपत्तिजनक शब्द कहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जाली हस्ताक्षरों के जरिए कंपनी के निदेशक पद से उन्हें हटवा दिया गया, जबकि उन्होंने न तो ऐसा कोई पत्र तैयार किया था और न ही पद से इस्तीफा दिया था।
एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल ने बताया कि मंत्री की शिकायत पर जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, जान से मारने की साजिश रचने, मारपीट और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
ऑडियो के आधार पर साजिश का आरोप
रेखा आर्य ने पुलिस को बताया कि हाल ही में उन्हें एक ऑडियो मिला है। उनके आरोप के अनुसार, इस ऑडियो में गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत कर रहे हैं और दोनों मिलकर मंत्री को जान से मारने की साजिश रच रहे हैं।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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