ऑपरेशन सिंदूर टिप्पणी मामले में प्रोफेसर अली खान को राहत, हरियाणा सरकार ने बंद किया केस

ऑपरेशन ‘सिंदूर’ पर की गई टिप्पणी को लेकर विवादों में आए अशोका यूनिवर्सिटी के इतिहास विभाग के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद को बड़ी राहत मिलती नजर आ रही है। हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि वह उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में आगे अभियोजन की अनुमति नहीं देगी। सरकार ने इसे एक बार की उदारता बताते हुए मामले को आगे न बढ़ाने का निर्णय लिया है।
सरकार के इस रुख के बाद प्रोफेसर अली खान के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया लगभग समाप्त होती दिखाई दे रही है। अदालत में बताया गया कि राज्य सरकार ने मामले की समीक्षा के बाद आगे की आपराधिक कार्रवाई रोकने का फैसला किया है।
ऑपरेशन ‘सिंदूर’ पर टिप्पणी को लेकर हुआ था विवाद
प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद पर आरोप था कि उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर टिप्पणी की थी। यह ऑपरेशन भारत की वह सैन्य कार्रवाई थी जो पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ की गई थी। इस टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ कर रही थी। सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अदालत को बताया कि कोर्ट की पिछली टिप्पणी के बाद सरकार ने मामले को आगे न बढ़ाने का फैसला लिया है।
कोर्ट ने जिम्मेदार आचरण की दी सलाह
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह आगे अभियोजन की अनुमति नहीं देगी, जबकि मामले में चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि प्रोफेसर एक शिक्षित और जिम्मेदार व्यक्ति हैं और उनसे उम्मीद की जाती है कि भविष्य में वे अपने विचार व्यक्त करते समय जिम्मेदारी का ध्यान रखेंगे।
इस फैसले के बाद प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई के समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है।
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