जम्मू-कश्मीर मंत्रिमंडल में फेरबदल, चार मंत्रियों ने ली शपथ; कांग्रेस सरकार से बाहर

HIGHLIGHTS
- शपथ ग्रहण समारोह श्रीनगर के लोक भवन ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया।
- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने चार नेताओं को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
- मंत्रिमंडल के पुनर्गठन से पहले पिछली कैबिनेट के पांच मंत्रियों ने इस्तीफे सौंपे थे।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में फेरबदल के तहत मंगलवार को श्रीनगर के लोक भवन ऑडिटोरियम में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अल्ताफ कालू, मीर सैफुल्लाह, शमीना फिरदौस और अली मोहम्मद सागर को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद रहे।
मंत्रिमंडल में फेरबदल से पहले पिछली कैबिनेट के सभी पांच मौजूदा मंत्रियों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए थे। इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को मंत्रिमंडल के पुनर्गठन का अवसर देना था।
इस फेरबदल को जम्मू-कश्मीर सरकार में संगठनात्मक बदलाव और मंत्रियों के बीच जिम्मेदारियों के पुनर्वितरण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बीच, कांग्रेस ने मंत्रिमंडल विस्तार में सरकार का हिस्सा नहीं बनने का फैसला किया है। पार्टी ने जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश होने को इसकी वजह बताया है। हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि राज्य का दर्जा बहाल होने तक वह सरकार को बाहर से समर्थन देती रहेगी।
पांच मंत्रियों ने सौंपे थे इस्तीफे
मंत्रिमंडल विस्तार से पहले पांचों मंत्रियों ने पार्टी में भरोसा जताने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को अपने इस्तीफे सौंप दिए थे। वहीं, मंत्रिमंडल के पुनर्गठन से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता नाराज नेताओं को मनाने की कोशिशों में जुटे रहे।
इसी सिलसिले में मंत्री जावेद अहमद डार के आवास पर एक बैठक हुई। इसमें उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी, वन मंत्री जावेद अहमद राणा, मंत्री सतीश शर्मा और मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सदस्य शम्मी ओबराय शामिल हुए।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेताओं ने इस बैठक को सामान्य मुलाकात बताया। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, इसमें दो मंत्रियों की नाराजगी दूर करने का प्रयास किया गया।
सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी के बगावती तेवर
नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी पहले से ही बगावती रुख अपनाए हुए हैं। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि पार्टी और मंत्रिमंडल के भीतर असंतोष को बढ़ने से रोका जाए। यही वजह बताई जा रही है कि शपथ लेने वाले मंत्रियों के नाम देर रात तक सार्वजनिक नहीं किए गए।
जावेद डार के आवास पर हुई बैठक को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि उपमुख्यमंत्री के अलावा अन्य तीन मंत्रियों, खासकर सतीश शर्मा को बदलने पर संगठन के कई नेताओं ने कथित तौर पर जोर दिया था।
हालांकि, जावेद डार ने कहा कि अवकाश होने के कारण उनके साथी घर पर चाय पीने आए थे। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी इसे सामान्य मुलाकात बताया। उन्होंने कहा कि सभी लोग गपशप करने के लिए एकत्र हुए थे।
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