राजौरी में हादसे में गिद्दड़बाहा के राइफलमैन सुखप्रीत सिंह शहीद, गांव में पसरा मातम

HIGHLIGHTS
- राजौरी में LoC के पास ड्यूटी के दौरान पत्थर गिरने से गिद्दड़बाहा के राइफलमैन सुखप्रीत सिंह शहीद हुए।
- हादसा तेज बारिश और लैंडस्लाइड के दौरान हुआ, तीन अन्य जवान भी घायल हुए लेकिन सुरक्षित हैं।
- नवंबर में होने वाली थी सुखप्रीत सिंह की शादी, गांव बुट्टर बखुआ में शोक का माहौल है।
पंजाब: गिद्दड़बाहा के गांव बुट्टर बखुआ (कोटभाई) के 27 वर्षीय राइफलमैन सुखप्रीत सिंह जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास अग्रिम सैन्य चौकी पर ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। बताया गया कि बारिश के दौरान सिर पर पत्थर गिरने से सुखप्रीत फिसलकर गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। जवान की मौत की खबर मिलते ही पैतृक गांव में शोक की लहर फैल गई।
सुखप्रीत के घर पर ग्रामीणों और परिचितों का पहुंचना जारी है। लोग परिवार के साथ संवेदना व्यक्त कर रहे हैं और गांव में हर आंख नम है। यह हादसा जम्मू के पास सुंदरबनी सेक्टर में मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे हुआ।
लैंड स्लाइडिंग के दौरान गिरा पत्थर
जवान के ताऊ गुरदीश सिंह ने बताया कि उन्हें सूबेदार का फोन आया था। उन्होंने जानकारी दी कि रात करीब डेढ़ बजे ड्यूटी के दौरान तेज बारिश हो रही थी। इसी बीच लैंड स्लाइडिंग हुई। सुखप्रीत अपने तीन अन्य साथियों के साथ ड्यूटी पर तैनात थे।
लैंड स्लाइडिंग के दौरान एक भारी पत्थर सुखप्रीत के ऊपर आ गिरा, जिससे वह फिसल गए और उनकी मौत हो गई। हादसे में तीन अन्य जवानों को भी चोटें आई हैं, लेकिन वे सभी सुरक्षित हैं।
2019 में सेना में हुए थे शामिल
गुरदीश सिंह के अनुसार, सुखप्रीत ने प्लस टू के बाद सेना में जाने की तैयारी शुरू की थी। वर्ष 2019 में वह ट्रेनिंग के लिए मध्य प्रदेश के जबलपुर गए थे। ट्रेनिंग पूरी करने के बाद उन्होंने करीब दो साल तक चीन सीमा पर ड्यूटी की। इसके बाद वह अमृतसर में भी तैनात रहे। इसी साल मार्च से वह जम्मू में ड्यूटी कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने पहले सुखप्रीत छुट्टी पर गांव आए थे और परिवार, रिश्तेदारों और दोस्तों से मुलाकात कर वापस गए थे। नवंबर में उनका विवाह तय था। परिवार में शादी को लेकर खुशी का माहौल था और तैयारियां भी शुरू हो गई थीं। गिद्दड़बाहा के गांव थराजवाला में उनकी मंगनी हुई थी।
बहन के आने के बाद होगा अंतिम संस्कार
हादसे के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है और खुशियां मातम में बदल गई हैं। सुखप्रीत की छोटी बहन कमलप्रीत कौर कनाडा में पढ़ाई कर रही हैं। उनके 24 जुलाई को वापस आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा।
परिवार की ओर से शहीद जवान के शव को गांव लाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बताया गया है कि शव 23 जुलाई को बठिंडा कैंप पहुंचेगा, जहां से 24 जुलाई को उसे पैतृक गांव बुट्टर बखुआ लाया जाएगा। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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