हरियाणा में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी, केंद्र से चार वरिष्ठ IAS अधिकारियों को बुलाने की मांग

HIGHLIGHTS
- हरियाणा में स्वीकृत पदों के मुकाबले 47 आईएएस अधिकारियों की कमी है।
- केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर तैनात 20 वरिष्ठ अधिकारियों में से 10 हरियाणा कैडर के हैं।
- मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को समाप्त होगा।
हरियाणा में मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार ने केंद्र में सेवाएं दे रहे हरियाणा कैडर के चार वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को वापस बुलाने के लिए केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से आग्रह किया है।
केंद्र सरकार इन अधिकारियों से हरियाणा लौटने के संबंध में उनकी राय पूछ रही है। कुछ अधिकारियों ने राज्य में वापस आने पर सहमति जताई है, जबकि कुछ ने अभी अपना फैसला नहीं बताया है। उनकी सहमति या असहमति का इंतजार किया जा रहा है।
हरियाणा सरकार ने जिन चार अधिकारियों को वापस बुलाने का आग्रह किया है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के प्रधान सचिव रह चुके वी उमाशंकर (1993 बैच), उनके अतिरिक्त प्रधान सचिव रह चुके डॉ. राकेश गुप्ता (1997 बैच), शहरी निकाय विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विकास गुप्ता (2001 बैच) और चंडीगढ़ के पूर्व गृह सचिव नितिन यादव (2000 बैच) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रधान सचिव रह चुके अरुण गुप्ता का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हालांकि, उनके मुख्यमंत्री कार्यालय में दोबारा आने की अटकलें हैं, लेकिन उन्हें कोई अन्य जिम्मेदारी भी दी जा सकती है।
डॉ. राकेश गुप्ता या नितिन यादव को मिल सकती है सीएम के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी
केंद्र से हरियाणा लौटने वाले अधिकारियों में डॉ. राकेश गुप्ता और नितिन यादव में से किसी एक को मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव बनाया जा सकता है। डॉ. राकेश गुप्ता फिलहाल राष्ट्रपति भवन के सचिवालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
उन्हें सुलझे हुए और ईमानदार अधिकारियों में गिना जाता है। राज्य में शिक्षा सुधार और लिंग अनुपात में सुधार के कामों में उनकी भूमिका को अहम माना जाता है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी नितिन यादव केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। वह एमएमटीसी लिमिटेड, पीईसी लिमिटेड और एसटीसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
विकास गुप्ता केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त हैं। हरियाणा में भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान वह परिवार पहचान पत्र अथॉरिटी के सीईओ रह चुके हैं।
वी उमाशंकर को मुख्य सचिव बनाने की चर्चा
केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वी उमाशंकर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में सचिव के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि उन्हें हरियाणा का अगला मुख्य सचिव बनाया जा सकता है।
वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का सेवा विस्तार 31 दिसंबर 2026 को पूरा हो रहा है। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने उन्हें छह महीने का दूसरा सेवा विस्तार दिया था।
वी उमाशंकर की पत्नी दीप्ति उमाशंकर भी उनके ही बैच की हरियाणा कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। वह फिलहाल राष्ट्रपति की सचिव हैं।
इसके अलावा, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त डॉ. अमित कुमार अग्रवाल और सूचना एवं जनसंपर्क तथा भाषा विभाग के आयुक्त एवं सचिव केएम पांडुरंग की भी मुख्यमंत्री कार्यालय में दोबारा एंट्री होने की चर्चा है।
हरियाणा में 47 आईएएस अधिकारियों की कमी
राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों को वापस बुलाने के लिए अधिकारियों की कमी का हवाला दिया है। वहीं, माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय में कामकाज के लिए अनुभवी और ईमानदार अधिकारियों की जरूरत के चलते वरिष्ठ अधिकारियों को वापस लाने की कोशिश की जा रही है।
हरियाणा में कई वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में सरकार फिलहाल उन्हें जिम्मेदारी वाले पदों पर नियुक्त करने से परहेज कर रही है।
राज्य में आईएएस अधिकारियों के 226 स्वीकृत पदों के मुकाबले फिलहाल 179 अधिकारी कार्यरत हैं। इस तरह 47 अधिकारियों की कमी है। हरियाणा की ग्रेडेशन सूची में शीर्ष 20 अधिकारियों में से 10 केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर हैं।
अन्य वरिष्ठ अधिकारियों में पंकज अग्रवाल 645 करोड़ रुपये के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक धोखाधड़ी मामले में जेल में हैं। विनीत गर्ग का नाम भी इसी मामले में सीबीआई की चार्जशीट में है। मोहम्मद शाइन, साकेत कुमार और राम कुमार सिंह को भी बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी बनाया गया है। हालांकि, इन अधिकारियों का कहना है कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है। सीबीआई की चार्जशीट में नामित छठे अधिकारी प्रदीप कुमार पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
अगले कुछ महीनों में कई वरिष्ठ अधिकारी होंगे सेवानिवृत्त
आने वाले तीन महीनों में हरियाणा कैडर के आईएएस अधिकारियों की संख्या में और कमी होने की संभावना है। फरीदाबाद के मंडलायुक्त संजय जूण 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होंगे।
1990 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुधीर राजपाल वर्तमान में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। वह वित्त विभाग के अलावा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। वह 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे।
वहीं, वित्तीय आयुक्त राजस्व (एफसीआर) तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा अगले साल 31 जनवरी को सेवानिवृत्त होंगी। 1990 बैच की अधिकारी सुमिता मिश्रा स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव भी हैं।
केंद्र में लंबे समय से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत 1991 बैच के आईएएस अधिकारी अभिलक्ष लिखी 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे। वह फिलहाल केंद्र में मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के सचिव पद पर कार्यरत हैं।
इसके अलावा, अंबाला के आयुक्त और आयुष विभाग के महानिदेशक संजीव वर्मा अगले साल 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होंगे।
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