साहिल वाकोड़े आत्महत्या मामला: पिता ने आजाद मैदान में शुरू की भूख हड़ताल

HIGHLIGHTS
- परिवार और पुलिस के बीच आईआईटी बॉम्बे के मुख्य द्वार पर धरने को लेकर गतिरोध रहा।
- पुलिस ने रविंद्र वाकोड़े को हिरासत में लिया, परिवार के वकील ने लगाया गंभीर आरोप।
- वर्षा गायकवाड़ समेत कई प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
मुंबई। आईआईटी के बीटेक छात्र साहिल वाकोड़े की आत्महत्या के मामले में उनके पिता रविंद्र वाकोड़े ने गुरुवार शाम मुंबई के आजाद मैदान में भूख-हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि आईआईटी के डायरेक्टर डा. शीरीष केदारे और प्रो. सूर्यनारायण दूल्ला की गिरफ्तारी के बाद ही वह भूख-हड़ताल समाप्त करेंगे।
गुरुवार को पवई स्थित आईआईटी के मुख्य द्वार के बाहर उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब साहिल के माता-पिता पुलिस की अनुमति के बावजूद संस्थान के गेट पर धरना देने पर अड़े रहे। पुलिस ने उन्हें मुख्य द्वार पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और आजाद मैदान में धरना देने का विकल्प दिया। हालांकि, परिवार आईआईटी परिसर के बाहर ही आंदोलन जारी रखने की मांग करता रहा।
इसके बाद साहिल के पिता रविंद्र वाकोड़े को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। परिवार के वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस रविंद्र वाकोड़े को हिरासत में लेकर मुंबई से बाहर ले जाने का प्रयास कर रही थी। हालांकि, पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया।
पुलिस के अनुसार परिवार की ओर से अपने गृहनगर यवतमाल जाने की बात कही जा रही थी। वहीं साहिल के परिवार का कहना था कि वे उसी संस्थान के मुख्य द्वार पर बैठकर अपनी मांग रखना चाहते हैं, जहां साहिल पढ़ता था।
माता-पिता की इस मांग को लेकर पुलिस और परिवार के बीच काफी देर तक गतिरोध की स्थिति बनी रही। बाद में साहिल के माता-पिता दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में भूख-हड़ताल करने के लिए राजी हो गए।
इसी घटनाक्रम के दौरान मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ आईआईटी बॉम्बे के मुख्य द्वार पर पहुंचीं। उन्होंने साहिल की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वर्षा गायकवाड़ सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। वर्षा गायकवाड़ ने साहिल के परिवार की मांगों का समर्थन किया और कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जानी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परिवार की शिकायतों और लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और जांच पूरी होने तक किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी साहिल के माता-पिता से फोन पर बात की और परिवार को समर्थन का आश्वासन दिया।
साहिल की मौत की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच के अलावा आईआईटी बॉम्बे की 10 सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति भी कर रही है। आईआईटी की ओर से गठित इस समिति की अध्यक्षता प्रो. रमेश वेंकटेश्वरन कर रहे हैं।
समिति में आईआईटी बॉम्बे के तीन शिक्षक, तीन छात्र, एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, संस्थान के पूर्व विजिलेंस अधिकारी और एक मनोचिकित्सक शामिल हैं। वहीं क्राइम ब्रांच परीक्षा कक्ष और उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज, साहिल के मोबाइल फोन और संबंधित लोगों के बयानों की जांच कर रही है।
साहिल का आईफोन लॉक होने के चलते जांचकर्ताओं को फिलहाल उसका डेटा हासिल करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच आईआईटी बॉम्बे ने 26 और 27 सितंबर को प्रस्तावित मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। अब ये परीक्षाएं 10 और 11 अक्टूबर को आयोजित की जाएंगी।
आईआईटी सूत्रों के अनुसार, साहिल की आत्महत्या के बाद संस्थान प्रशासन हॉस्टलों में छात्रों की आवासीय व्यवस्था में बदलाव पर भी विचार कर रहा है। इसके तहत उन कमरों में दो-दो छात्रों को रखने पर विचार किया जा रहा है, जिन्हें पहले केवल एक छात्र को आवंटित किया जाता था।
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