साक्षी महाराज का सपा-कांग्रेस पर हमला, बोले- राम का नाम लेने का नैतिक अधिकार नहीं

HIGHLIGHTS
- सांसद साक्षी महाराज ने राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कई आरोप लगाए।
- उन्होंने कहा कि जो दल पहले भगवान राम को लेकर सवाल उठाते थे, वे अब चुनावी समय में राम का नाम ले रहे हैं।
- साक्षी महाराज ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत और योगी सरकार की वापसी का दावा किया।
उन्नाव। अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद को लेकर भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने दोनों दलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग पहले भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे अब चुनावी समय में राम का नाम ले रहे हैं।
गदनखेड़ा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए साक्षी महाराज ने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस को भगवान राम का नाम लेने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल का जिक्र करते हुए राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी पुरानी घटनाओं पर भी टिप्पणी की।
हिंदू राष्ट्र को लेकर दिया बयान
सांसद ने हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर पाकिस्तान के गठन के समय ही भारत की पहचान तय हो गई थी। उन्होंने दावा किया कि भारत को अलग से हिंदू राष्ट्र घोषित करने की आवश्यकता नहीं है।
साक्षी महाराज ने सपा सरकार पर भी आरोप लगाए और कहा कि उस समय जमीनों और दुकानों पर कब्जे जैसी शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने पिछली सरकार के कुछ बयानों का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
2027 चुनाव को लेकर किया दावा
भाजपा सांसद ने मौजूदा सरकार की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि आज प्रशासनिक व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक जवाबदेह है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा फिर से बड़ी जीत हासिल करेगी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनेगी।
बाबा रामदेव के बयान का किया समर्थन
साक्षी महाराज ने योग गुरु बाबा रामदेव के एक बयान का समर्थन करते हुए कहा कि देश के सभी लोगों की ऐतिहासिक जड़ें एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वजों और वंश परंपरा को देखने पर कई समानताएं सामने आ सकती हैं।
उन्होंने दोहराया कि देश की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को समझने की जरूरत है।
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