सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 19वें दिन भी जारी, वजन 9 किलो से ज्यादा घटा

HIGHLIGHTS
- सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल 19वें दिन भी जारी है, लगातार उपवास के कारण उनका वजन 9 किलो से ज्यादा कम हो गया है।
- डॉक्टरों ने गिरते ब्लड शुगर स्तर को लेकर चिंता जताई है और उनकी सेहत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
- दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब सोनम वांगचुक की नियमित स्वास्थ्य जांच सरकारी डॉक्टरों की टीम करेगी।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन लगातार 19वें दिन भी जारी है। लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल के चलते उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है। चिकित्सकों ने उनके गिरते ब्लड शुगर स्तर को लेकर चिंता जताई है और नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है।
I’m Not in good shape but not so bad either...
Rather than asking me to break my fast please join me on 20th July... Peaceful March to the Parliament.#cockroachjanataparty #jantarmantar #cjpprotest #chalosansad pic.twitter.com/QZ6VyxVMAR
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 15, 2026
डॉक्टरों ने जताई स्वास्थ्य को लेकर चिंता
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सोनम वांगचुक की सेहत की जांच कर रहे डॉक्टर सतीश लांबा ने बताया कि लगातार उपवास के कारण उनके शरीर में कमजोरी आ रही है और ब्लड शुगर का स्तर भी नीचे जा रहा है। इससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ सकते हैं। हालांकि, डॉक्टरों के मुताबिक वांगचुक अभी भी सक्रिय हैं और अपनी मांगों को लेकर दृढ़ बने हुए हैं।
चिकित्सकों की ओर से उन्हें कई बार अनशन समाप्त करने की सलाह दी गई, लेकिन उन्होंने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
वीडियो संदेश जारी कर लोगों से की अपील
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी कर अपने समर्थकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत पहले जैसी मजबूत नहीं है, लेकिन स्थिति बहुत गंभीर भी नहीं है। उन्होंने लोगों से अनशन खत्म करने के बजाय 20 जुलाई को प्रस्तावित शांतिपूर्ण संसद मार्च में शामिल होने का आग्रह किया।
दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश, सरकारी डॉक्टर करेंगे जांच
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि वांगचुक के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी की जा रही है।
अदालत ने पूछा कि क्या सरकारी डॉक्टर उनकी जांच कर रहे हैं। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि अनुमति मिलने के बाद सरकारी चिकित्सक भी उनकी नियमित जांच करेंगे। उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
कोर्ट ने कहा- हर नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का जीवन बेहद महत्वपूर्ण है और किसी को भी इस तरह स्वास्थ्य जोखिम में नहीं रहने दिया जा सकता।
अदालत ने निर्देश दिया कि सोनम वांगचुक की नियमित जांच सरकारी डॉक्टरों की टीम द्वारा की जाए और चिकित्सकों की सलाह के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएं। कोर्ट के निर्देश के बाद जनहित याचिका का निपटारा कर दिया गया।
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