कोलकाता एयरपोर्ट की मस्जिद में नमाज पर अस्थायी रोक, सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने दिया बयान

HIGHLIGHTS
- कोलकाता एयरपोर्ट परिसर में स्थित गौरीपुर जामा मस्जिद में तीन दिनों के लिए सामूहिक नमाज अस्थायी रूप से स्थगित की गई है।
- मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
- मस्जिद कमेटी ने रोक पर आपत्ति जताई है, जबकि प्रशासन ने इसे मरम्मत और नवीनीकरण कार्य से जुड़ा अस्थायी कदम बताया है।
कोलकाता। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के परिसर में स्थित मस्जिद में नमाज और प्रवेश को लेकर जारी विवाद के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है। उन्होंने एयरपोर्ट परिसर को बेहद संवेदनशील क्षेत्र बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
एयरपोर्ट प्रशासन ने गौरीपुर जामा मस्जिद, जिसे स्थानीय स्तर पर बांकरा मस्जिद भी कहा जाता है, में कुछ दिनों के लिए सामूहिक नमाज स्थगित करने का फैसला लिया है। प्रशासन के अनुसार, मस्जिद में मरम्मत और नवीनीकरण का काम चल रहा है, जिसके चलते यह अस्थायी व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा कारणों का दिया हवाला
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश के महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों में शामिल है। इसकी भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के सुरक्षित क्षेत्र में प्रवेश को लेकर नियमों का पालन होना चाहिए और बाहरी लोगों के लिए बिना जांच-पड़ताल के पहुंच की अनुमति नहीं दी जा सकती।
धार्मिक स्वतंत्रता पर क्या बोले अधिकारी?
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने किसी को भी धार्मिक गतिविधियों से नहीं रोका है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोगों को कानून के दायरे में रहकर अपने धार्मिक कार्य करने की स्वतंत्रता है।
उन्होंने कहा कि त्योहारों के आयोजन के दौरान भी प्रशासन ने नियमों का पालन सुनिश्चित किया और शांति व्यवस्था बनाए रखी। अधिकारी ने लोगों से कानून का सम्मान करने और किसी भी धार्मिक गतिविधि को दूसरों पर थोपने से बचने की अपील की।
मस्जिद कमेटी ने जताई आपत्ति
मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सिद्दीकउल्लाह चौधरी ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि यह मस्जिद करीब 135 साल पुरानी है और लंबे समय से यहां नमाज होती रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त सूचना दिए प्रवेश पास पर रोक लगाई गई। उनका कहना है कि जब हवाई अड्डा प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी, तब नमाज स्थगित करने का फैसला नहीं लिया जाना चाहिए था।
भाजपा विधायक ने उठाए सुरक्षा से जुड़े सवाल
दमदम उत्तर से भाजपा विधायक सौरव सिकदर ने भी एयरपोर्ट परिसर में मस्जिद की स्थिति को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जाहिर की हैं। उन्होंने दावा किया कि एयरपोर्ट जैसे हाई सिक्योरिटी जोन में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की पहचान और सत्यापन जरूरी है।
विधायक ने कहा कि हवाई अड्डे पर आने-जाने वालों के लिए फोटो और बायोमेट्रिक पास जैसी सुरक्षा प्रक्रियाएं लागू हैं, ऐसे में किसी भी तरह की ढिलाई सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय हो सकती है।
फिलहाल तीन दिन के लिए स्थगित है नमाज
एयरपोर्ट प्रशासन के मुताबिक, मस्जिद में सामूहिक नमाज पर रोक फिलहाल तीन दिनों के लिए है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला निर्माण और मरम्मत कार्य के कारण लिया गया है।
मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है, जबकि प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन को प्राथमिकता देने की बात कह रहा है।
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