9 सितंबर से शुरू होगा नौवां राष्ट्रीय पोषण माह, वाराणसी से होगा शुभारंभ

HIGHLIGHTS
- इस वर्ष नौवां राष्ट्रीय पोषण माह 9 सितंबर से शुरू होगा।
- वाराणसी से केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी अभियान का शुभारंभ करेंगी।
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
नई दिल्ली। कुपोषण भारत के सामने मौजूद प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल है। इसका असर महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, विकास, सीखने की क्षमता और उत्पादकता पर जीवन के अलग-अलग चरणों में पड़ता है।
इस चुनौती से समन्वित तरीके से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से पोषण अभियान चलाया जा रहा है। हर साल सितंबर में पोषण माह का आयोजन किया जाता है। इस दौरान खासतौर पर आंगनवाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों के पोषण में सुधार और इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाते हैं। इस वर्ष नौ सितंबर से नौवां राष्ट्रीय पोषण माह शुरू होगा।
इसका शुभारंभ वाराणसी से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी करेंगी। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। इस बार अभियान में आंगनवाड़ी केंद्रों पर सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही, पोषण तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण सेवाओं की निगरानी आंगनवाड़ी समितियों के माध्यम से की जाएगी।
नौवें राष्ट्रीय पोषण माह की थीम ‘हमारी आंगनवाड़ी हमारी जिम्मेदारी’ रखी गई है। आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के लिए पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा की पहली कड़ी हैं। इस अभियान के तहत पांच प्रमुख विषयों पर फोकस किया जाएगा। इनमें आहार में विविधता और पर्याप्त प्रोटीन, आंगनवाड़ी केंद्रों में ताजा और गर्म पका हुआ भोजन, सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही, बच्चों के विकास के लिए पोषण व प्रारंभिक शिक्षा और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के दस वर्ष शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष का अभियान संशोधित पूरक पोषण कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों से भी गति प्राप्त करेगा। पहली बार गर्म पके भोजन को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है और मैन्यू बोर्ड लगाना अनिवार्य किया गया है।
आंगनवाड़ी समितियों की भूमिका होगी अहम
इस साल सामुदायिक भागीदारी और जवाबदेही को भी प्रमुख विषय बनाया गया है। इसके तहत सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में आंगनवाड़ी प्रबंध समितियों के गठन और उनके प्रभावी संचालन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। मंत्रालय ने बताया कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर कम से कम एक आंगनवाड़ी प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। ये समितियां पोषण सेवाओं की निगरानी करेंगी।
बच्चों के लिए आयोजित होंगी विशेष गतिविधियां
पोषण माह के दौरान हर आंगनवाड़ी केंद्र पर प्रारंभिक बाल देखभाल एवं शिक्षा दिवस मनाया जाएगा। इस मौके पर माता-पिता और बच्चों की संयुक्त गतिविधियां कराई जाएंगी। प्रत्येक केंद्र की ओर से पांच से छह वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए नजदीकी सरकारी विद्यालयों का भ्रमण भी कराया जाएगा।
पोषण माह 2026 के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के दस वर्ष भी पूरे होंगे।
मंत्रालय के मुताबिक, इस अवसर पर 100 प्रतिशत पात्र गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को योजना से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
पोषण अभियान की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी। राष्ट्रीय पोषण माह का आयोजन हर साल सितंबर में किया जाता है।
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