वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन को आए दो युवक लापता, परिजन परेशान

HIGHLIGHTS
- महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से ओम परमेश्वर ताकपिरे वृंदावन आया था।
- ओम 21 जुलाई को घर से निकलने के बाद वापस नहीं लौटा।
- उसकी मां ने 23 जुलाई को कैलीकुंज आश्रम पहुंचकर तलाश शुरू की थी।
वृंदावन। धार्मिक नगरी वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे दो अलग-अलग राज्यों के युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। परिजनों को आशंका है कि दोनों युवक भक्ति रस और आश्रम के प्रभाव में आकर वृंदावन में ही कहीं रह रहे हैं। दोनों परिवारों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन और आश्रम प्रबंधन से अपने बच्चों को सुरक्षित तलाशने की अपील की है।
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर की रहने वाली उज्जवला ताकपिरे का इकलौता 20 वर्षीय बेटा ओम परमेश्वर ताकपिरे 21 जुलाई को वृंदावन के लिए घर से निकला था। उसने परिवार को संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए जाने की बात बताई थी। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटा। बेटे की जानकारी नहीं मिलने पर उज्जवला 23 जुलाई को वृंदावन स्थित कैलीकुंज आश्रम पहुंचीं। उन्होंने लगातार आठ दिनों तक आसपास के इलाके में बेटे की तलाश की। इस दौरान आश्रम के सीसीटीवी फुटेज में ओम दिखाई भी दिया।
25 सितंबर को कैलीकुंज से जुड़े साधक रसिक दुलारी शरण की दुखद मौत की खबर सामने आने के बाद उज्जवला की चिंता और बढ़ गई। बेटे की सलामती की उम्मीद में वह चौथी बार महाराष्ट्र से वृंदावन पहुंची हैं। उज्जवला ने महाराष्ट्र के स्थानीय थाने में पहले ही बेटे की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा रखी है। अब वह वृंदावन प्रशासन से अपने बेटे को तलाशने की भावुक अपील कर रही हैं।
कासगंज का 16 वर्षीय मयंक भी लापता
दूसरा मामला उत्तर प्रदेश के कासगंज का है। आवास विकास कॉलोनी निवासी चन्द्रपाल सिंह चौहान का 16 वर्षीय बेटा मयंक सिंह चौहान 7 अगस्त को घर से वृंदावन दर्शन करने की बात कहकर निकला था। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।
परिजनों के मुताबिक मयंक की संत प्रेमानंद महाराज में अटूट आस्था थी और वह नियमित रूप से नाम-जाप करता था। पिता चन्द्रपाल सिंह चौहान को आशंका है कि धार्मिक रुचि के कारण मयंक महाराज के आश्रम या उसके आसपास ही रुक गया है। इस संबंध में कासगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पिता अब वृंदावन कोतवाली और आसपास के इलाकों में लगातार बेटे की तलाश कर रहे हैं।
दोनों मामलों में परिजन अपने बच्चों की तलाश में वृंदावन की गलियों और कोतवाली के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस और संबंधित आश्रम प्रबंधन से अपील की है कि सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय तंत्र की मदद से दोनों युवकों का पता लगाया जाए, ताकि वे सुरक्षित अपने घर लौट सकें।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.





















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.