आजमगढ़ में मतदाता सूची में विकास यादव का नाम 13 बार दर्ज, कंप्यूटर सहायक और 5 BLO पर कार्रवाई

HIGHLIGHTS
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आजमगढ़ के जिला निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत जांच रिपोर्ट प्राप्त की।
- जांच में गोरखपुर के चौरीचौरा क्षेत्र से संबंधित समान नाम और वल्दियत वाला एक अलग मतदाता भी सामने आया।
- विकास यादव के नाम की दो प्रविष्टियां पहले ही हटाई जा चुकी थीं।
आजमगढ़ सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में विकास यादव का नाम 13 बार दर्ज होने के मामले में निर्वाचन आयोग ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मामले में दोषी पाए गए कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाता सूची से जुड़े काम से तत्काल हटाने और उनकी सेवाएं समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और दो सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 15 अक्टूबर को प्रेसवार्ता के दौरान इस मामले में गंभीर आरोप लगाए थे। इस दौरान असली विकास यादव को भी मीडिया के सामने पेश किया गया था। मामले का संज्ञान लेते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आजमगढ़ के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, समान नाम और समान वल्दियत वाला एक मतदाता गोरखपुर के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है। यह मतदाता अन्य 13 प्रविष्टियों से अलग है।
विधानसभा क्षेत्र 347-आजमगढ़ की मतदाता सूची में सपा की ओर से उठाए गए मामले के तहत विकास यादव नाम हिंदी में 13 बार दर्ज पाया गया। इनमें से दो प्रविष्टियां पहले ही हटाई जा चुकी थीं। बाकी 11 प्रविष्टियां आजमगढ़ के 11 अलग-अलग लोगों की हैं, जो वर्तमान में अपने-अपने गांवों में रह रहे हैं। इन 11 लोगों में वास्तविक विकास यादव को छोड़कर अन्य 10 व्यक्तियों के सही नाम और दूसरे विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 भरवा दिया गया है।
मामले में दोषी पाए गए मतदाता पंजीकरण केंद्र के कंप्यूटर सहायक और बूथ लेवल अधिकारियों को मतदाता सूची के काम से तत्काल हटाने के साथ उनकी सेवाएं समाप्त करने से संबंधित नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कंप्यूटर सहायक, बूथ लेवल अधिकारियों, तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) और दोनों सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
आजमगढ़ के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों की सात दिन में जांच के निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने निगरानी में लापरवाही बरतने के मामले में ईआरओ और दोनों एईआरओ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए आरोपपत्र जारी करने को भी कहा है। इसके अलावा, जिला निर्वाचन अधिकारी, आजमगढ़ को जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में इस तरह की प्रविष्टियों की गहन जांच कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
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