यूपी कैबिनेट की बैठक आज, 15 से ज्यादा प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक होगी।
- निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई प्रस्ताव बैठक में रखे जाएंगे।
- मृतक आश्रित कोटे से पुलिस भर्ती के आवेदकों को दौड़ परीक्षा से राहत मिल सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक आयोजित होगी। इसमें निवेश और इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े 15 से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी मिलने की संभावना है। इसके लिए सभी विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बैठक में जनकल्याण से संबंधित कई प्रस्ताव भी रखे जाएंगे। पुलिस में दरोगा और सिपाही के पदों पर मृतक आश्रित कोटे से भर्ती के आवेदकों को दौड़ परीक्षा से छूट मिलने की संभावना है। इसके अलावा निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर, परिवहन और जनकल्याण से जुड़े 15 से ज्यादा प्रस्तावों पर फैसला हो सकता है।
3572 नवनियुक्त युवाओं को आज सीएम देंगे नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में 3572 नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान करेंगे। इनमें कृषि विभाग के 3446 प्राविधिक सहायक (ग्रुप-सी) और मंडी परिषद के 126 नवनियुक्त मंडी सचिव शामिल हैं।
स्वाइन फ्लू को लेकर हर जिले में पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश
प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित कुमार घोष और स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण को स्वाइन फ्लू की स्थिति की लगातार समीक्षा और प्रभावी निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सभी जिलों में संदिग्ध और संक्रमित मरीजों पर नजर रखने, उनकी नियमित निगरानी करने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। अस्पतालों में जांच, उपचार और उपलब्ध संसाधनों की भी लगातार समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर समय रहते चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा।
मौसमी बुखार को लेकर भी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बुखार के मरीजों की आवश्यक जांच और उचित उपचार, आपातकालीन सेवाओं का निर्बाध संचालन, दवाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सकों और स्टाफ की पर्याप्त मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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