'उपद्रव वाले प्रदेश से उत्सव वाले प्रदेश में बदला यूपी', बोले CM योगी

HIGHLIGHTS
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस पर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार का पक्ष रखा।
- माफिया की 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त किए जाने की जानकारी दी।
- प्रयागराज में मुक्त कराई गई जमीन पर 602 आवास बनाने के लिए भूमि पूजन किया गया।
उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब माफिया पुलिस की खुली जीपों में ऑटोमेटिक हथियार लहराते घूमते थे, जबकि पुलिसकर्मी जंग लगी राइफलों के सहारे अपनी जान बचाने को मजबूर थे। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू होते ही सत्ता के गलियारों से फोन आने लगते थे और कार्रवाई अपराधियों के बजाय पुलिस अधिकारियों पर होती थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार ने पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त कर माफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। आज उत्तर प्रदेश में अपराधियों को पता है कि उनका आखिरी ठिकाना कहां है।
बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस परेड के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 815 दंगे हुए। इन घटनाओं में गरीबों की दुकानें जलीं, मजदूरों की दिहाड़ी प्रभावित हुई और बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ा। मथुरा के जवाहर बाग कांड में एसपी मुकुल द्विवेदी और थानाध्यक्ष संतोष यादव को अपनी जान गंवानी पड़ी।
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि पहले अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता था और पुलिसकर्मियों को हुक्मरानों के पालतू पशुओं की तलाश में जंगलों में दौड़ाया जाता था। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश उपद्रव वाले प्रदेश से उत्सव वाले प्रदेश में बदल चुका है।
माफिया की संपत्ति जब्त, मुक्त जमीन पर गरीबों के लिए बन रहे आवास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश में माफिया की 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। प्रयागराज में भी ऐसी ही जमीन पर 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया है।
उन्होंने कहा कि एसटीएफ ने पेपर लीक माफिया, जहरीली शराब के कारोबारियों और कुख्यात अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की है। वहीं, एटीएस ने देवबंद से लेकर सीमावर्ती जिलों तक कमांड सेंटर स्थापित किए हैं।
माफिया के लिए आंसू, शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों की चिंता नहीं
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एनकाउंटर और जीरो टॉलरेंस की नीति पर सवाल उठाने वाले लोग दुर्दांत माफिया और आतंकियों की मौत पर मातम मनाते हैं और उनकी कब्रों पर जाते हैं। लेकिन माफिया की गोलियों से शहीद हुए पुलिसकर्मियों के बच्चों के आंसू पोंछने नहीं पहुंचते।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों के अपहरण और बहन-बेटियों के अपमान का दौर रहने के दौरान भी ऐसे लोगों में संवेदना दिखाई नहीं देती थी।
छोटे अपराधों पर भी जीरो टॉलरेंस की नीति: डीजीपी
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अपराध नियंत्रण की दस प्राथमिकताओं पर काम किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस आईगॉट कर्मयोगी पोर्टल पर एक करोड़ पाठ्यक्रम पूरे करने वाला देश का पहला विभाग बन गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किया गया है। इस वर्ष छह हजार से अधिक नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और 26 कार्टेल ध्वस्त किए गए हैं। डीजीपी ने कहा कि छोटे अपराधों के मामलों में भी जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है।
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