मार्को रुबियो ने किया रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी का दौरा, वंतारा भी पहुंचे

HIGHLIGHTS
- मार्को रुबियो ने बुधवार को गुजरात के जामनगर में रिलायंस के विभिन्न प्रोजेक्ट का दौरा किया।
- मुकेश अंबानी, नीता अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी ने उनका स्वागत किया।
- जामनगर रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स में प्रतिदिन करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल के प्रसंस्करण की क्षमता है।
जामनगर। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बुधवार को गुजरात के जामनगर पहुंचे। यहां मुकेश अंबानी और उनके परिवार ने उनका स्वागत किया। रुबियो ने रिलायंस की तेल रिफाइनरी का दौरा करने के साथ वंतारा और कंपनी के ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया। उनका यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब अमेरिका भारत के साथ ऊर्जा कारोबार को विस्तार देने की कोशिश कर रहा है और वहां डीजल की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं।
अंबानी परिवार ने किया रुबियो का स्वागत
दौरे से जुड़े लोगों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, उनकी पत्नी नीता अंबानी, बेटी ईशा और बेटे अनंत ने अमेरिकी विदेश मंत्री का स्वागत किया। हालांकि, मुकेश अंबानी के बड़े बेटे और जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी इस कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे।
भारत की रिफाइनिंग क्षमता पर अमेरिका की नजर
जामनगर पहुंचने से एक दिन पहले मार्को रुबियो ने भारत को कच्चे तेल की रिफाइनिंग के क्षेत्र में महाशक्ति बताया था। उन्होंने भारत से वेनेजुएला के कच्चे तेल का प्रसंस्करण बढ़ाने की अपील की थी।
जानकारों के मुताबिक, अमेरिका रिलायंस की बड़ी रिफाइनिंग क्षमता के जरिए ऊर्जा कारोबार को मजबूत करना चाहता है। रुबियो ने नेटवर्क18 से बातचीत में कहा कि अमेरिका पश्चिमी गोलार्ध से आने वाले कच्चे तेल की रिफाइनिंग के लिए रिलायंस के साथ मिलकर काम करना चाहता है। इससे दोनों देशों को लाभ मिल सकता है।
जामनगर रिफाइनरी की क्या है खासियत?
जामनगर स्थित रिलायंस का रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स प्रतिदिन करीब 14 लाख बैरल कच्चे तेल का प्रसंस्करण करने में सक्षम है। यहां पेट्रोल, डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिनकी आपूर्ति भारत के अलावा दूसरे देशों में भी की जाती है।
बड़ी मात्रा में कच्चे तेल को प्रोसेस करने की क्षमता के कारण जामनगर वैश्विक ऊर्जा कारोबार का महत्वपूर्ण केंद्र है। अमेरिका के लिए भी यह रिफाइनरी अहम है, क्योंकि यहां कच्चे तेल का बड़े पैमाने पर प्रसंस्करण कर ईंधन की आपूर्ति बढ़ाई जा सकती है।
टेक्सास में भी रिफाइनरी लगाने की योजना
रिलायंस अमेरिका के टेक्सास में भी नई रिफाइनरी स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुताबिक, कंपनी ब्राउनस्विले में प्रतिदिन 1.68 लाख बैरल तेल प्रोसेस करने की क्षमता वाली रिफाइनरी बनाने के लिए साझेदारी कर रही है।
इस रिफाइनरी को अमेरिकी हल्के शेल क्रूड के प्रसंस्करण के लिए तैयार किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद अमेरिका में रिलायंस की मौजूदगी बढ़ सकती है और दोनों देशों के ऊर्जा संबंधों को नया आधार मिल सकता है।
वंतारा और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट का भी लिया जायजा
मार्को रुबियो ने जामनगर में रिलायंस के वन्यजीव बचाव केंद्र वंतारा का भी दौरा किया। करीब 3,000 एकड़ में फैले इस केंद्र में 2,000 से अधिक जानवरों की देखभाल की जाती है।
इसके बाद उन्होंने धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण किया। करीब 5,000 एकड़ में विकसित हो रही इस परियोजना में सौर ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी तकनीकों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 75,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से क्यों अहम है दौरा?
मार्को रुबियो मंगलवार को मुंबई पहुंचे थे। वहां उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय सहयोग को लेकर चर्चा की। उन्होंने भारत से अमेरिका के साथ ऊर्जा कारोबार बढ़ाने के अलावा अमेरिकी तकनीक और रक्षा प्रणालियों की खरीद बढ़ाने का आग्रह भी किया।
जानकारों के मुताबिक, जामनगर का यह दौरा रिलायंस के लिए अमेरिकी बाजार में अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर है। वहीं, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। ऐसे में यह दौरा ऊर्जा कारोबार के साथ दोनों देशों के आर्थिक संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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