मुजफ्फरनगर की प्रीति पाल ने जापान में लहराया परचम, 200 मीटर दौड़ में जीता सिल्वर

HIGHLIGHTS
- प्रीति पाल ने महिलाओं की 200 मीटर टी35 स्पर्धा में 29.53 सेकंड का समय दर्ज किया।
- वर्ष 2024 के पेरिस पैरालंपिक में वह 100 और 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीत चुकी हैं।
- जापान में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी उन्होंने दोनों स्पर्धाओं में कांस्य पदक हासिल किए थे।
मुजफ्फरनगर। रामराज थाना क्षेत्र के हाशमपुर गांव की रहने वाली पैरालंपिक पदक विजेता प्रीति पाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और उपलब्धि हासिल की है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित 5वें एशियाई पैरा गेम्स में उन्होंने महिलाओं की 200 मीटर टी35 स्पर्धा में रजत पदक जीता। प्रीति ने यह दूरी 29.53 सेकंड में पूरी की। उनकी इस सफलता से गांव में खुशी का माहौल है। परिजनों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया और मिठाई बांटकर एक-दूसरे को बधाई दी।
29.53 सेकंड में पूरी की 200 मीटर दौड़
प्रीति पाल ने महिलाओं की 200 मीटर टी35 स्पर्धा में दूसरा स्थान हासिल कर रजत पदक अपने नाम किया। उन्होंने 29.53 सेकंड में दौड़ पूरी की। उनकी इस उपलब्धि पर ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का पल बताया। लोगों का कहना है कि प्रीति की सफलता से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
पेरिस पैरालंपिक में भी जीत चुकी हैं दो कांस्य पदक
प्रीति पाल ने वर्ष 2024 में पेरिस पैरालंपिक में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई थी। वह ट्रैक स्पर्धाओं में पैरालंपिक पदक हासिल करने वाली भारत की प्रमुख पैरा एथलीटों में शामिल हैं। जापान में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भी उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीते थे।
राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रीति का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है। वर्ष 2021 से वह विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करती आ रही हैं। बेंगलुरु में आयोजित ओपन नेशनल प्रतियोगिता में उन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक हासिल किए थे। वहीं, वर्ष 2022 के पैरा एशियन गेम्स में उन्होंने चौथा स्थान प्राप्त किया था।
खेल कोटे से बीडीओ पद पर हुई नियुक्ति
खेलों में लगातार सफलता हासिल करने वाली प्रीति पाल को उत्तर प्रदेश सरकार ने खेल कोटे के तहत खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के पद पर नियुक्त किया है। फिलहाल उनकी तैनाती लखनऊ में है। खेल के मैदान में देश के लिए पदक जीतने के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाना भी उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव है।
प्रीति पाल की उपलब्धियों से हाशमपुर गांव समेत पूरे क्षेत्र में गर्व और उत्साह का माहौल है। उनकी सफलता इस बात का उदाहरण है कि दृढ़ संकल्प और लगातार मेहनत के दम पर चुनौतियों के बावजूद बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.