ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिका का हमला, खार्ग द्वीप के पास दागीं चार मिसाइलें

HIGHLIGHTS
- खार्ग द्वीप के पास ईरानी तेल टैंकर पर चार मिसाइलें गिरीं।
- हमले में अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
- खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है।
तेहरान। अमेरिका ने खार्ग द्वीप के पास एक ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया है। यहां अमेरिका की ओर से लगातार चार मिसाइलें दागी गईं। इस हमले में अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
ईरानी समाचार आउटलेट खबर फौरी की रिपोर्ट के मुताबिक, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण खार्ग द्वीप के नजदीक एक ईरानी तेल टैंकर पर अमेरिका की चार मिसाइलें गिरीं। इसके बाद टैंकर को खाली कराया जा रहा है।
अमेरिका ने ईरान पर किया मिसाइल हमला
अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर हमला किया है। यह द्वीप ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र है और देश के कच्चे तेल के करीब 90% शिपमेंट इसी द्वीप से होता है।
अमेरिका के हमले की जानकारी ईरान के 'स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क' (SNN) ने दी। एसएनएन के अनुसार, तेल टैंकर पर मिसाइलें गिरीं, लेकिन शुरुआती जानकारी में मिसाइलों की संख्या और उनके स्रोत के बारे में कुछ नहीं बताया गया था।
अमेरिका-ईरान के बीच जारी है युद्ध
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को छह महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन दोनों देशों की ओर से अभी भी हमले जारी हैं।
सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाई के चलते कमर्शियल शिपिंग के साथ-साथ ईरान के तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी नई चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिकी सेना ने मंगलवार, 1 सितंबर को भी ईरान के 60 सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। अमेरिकी सेना ने यह भी दावा किया था कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से 1.8 करोड़ बैरल तेल लेकर जा रहे 40 कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित बाहर निकाला है।
युद्ध शुरू होने से पहले इस जलमार्ग से हर दिन 2 करोड़ बैरल तेल गुजरता था। हालांकि, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान और अमेरिका दोनों देशों ने होर्मुज पर नाकेबंदी शुरू कर दी।
होर्मुज में कई तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया। ईरान ने कई जहाजों को होर्मुज पार करने से रोक दिया, जिसके चलते वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। अब छह महीने बाद भी मिडिल ईस्ट के हालात में कोई बदलाव नहीं आया है।
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