झारखंड परीक्षा विवाद पर सुधांशु त्रिवेदी का बड़ा आरोप, बोले- यह ‘पेपर लूट’ है

HIGHLIGHTS
- सुधांशु त्रिवेदी ने झारखंड की वन परीक्षाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए।
- उन्होंने स्ट्रॉन्ग रूम में सेंध लगाए जाने का दावा किया।
- त्रिवेदी ने मामले को सामान्य पेपर लीक से अलग बताया।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में झारखंड की सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्र पदाधिकारी परीक्षाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सामने आए तथ्यों से संकेत मिलता है कि परीक्षा प्रश्नपत्रों को रखने के लिए बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम में सेंध लगाई गई। उनके मुताबिक, प्रश्नपत्र बाहर निकाले गए और उनमें बदलाव किया गया। त्रिवेदी ने इस घटनाक्रम को सामान्य पेपर लीक से अलग बताते हुए इसे ‘पेपर लूट’ बताया।
झारखंड परीक्षा मामले में विपक्ष की चुप्पी पर सवाल
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि दिल्ली में परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने वाले राजनीतिक दल झारखंड की इस घटना पर खामोश हैं। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में वे ‘गांधी के तीन बंदरों’ जैसा व्यवहार कर रहे हैं।
उनका आरोप है कि झारखंड के अभ्यर्थियों और देशभर के युवाओं के बीच इस मुद्दे पर विपक्ष की चुप्पी को लेकर नाराजगी है। त्रिवेदी ने कहा कि इस मामले पर उनकी खामोशी अभ्यर्थियों के मन में चीख की तरह गूंज रही है।
कांग्रेस में महिला मंत्रियों के प्रतिनिधित्व पर त्रिवेदी का निशाना
भाजपा सांसद ने कांग्रेस में महिलाओं को दिए जा रहे प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चार राज्यों में सत्ता में है, लेकिन उसके पास सिर्फ तीन महिला मंत्री हैं।
त्रिवेदी ने इसे ‘बहुत नाइंसाफी’ बताते हुए कहा कि राहुल गांधी और खरगे इस विषय पर चुप हैं। खरगे को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वह राहुल गांधी के पिता से भी उम्र में बड़े हैं और उन्हें राहुल गांधी का मार्गदर्शन करना चाहिए, न कि उनके प्रभाव में काम करना चाहिए।
राहुल गांधी पर सुधांशु त्रिवेदी की तीखी टिप्पणी
सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी को लेकर बेहद तीखी और व्यक्तिगत राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आने पर उनका परिचय ‘मुल्लाओं और मौलवियों के संरक्षक, सनातन धर्म के विनाशक और घुसपैठियों के रक्षक’ के तौर पर कराया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक ओर ‘पितृसत्ता खत्म करो’ का नारा देते हैं, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस में महिला मंत्रियों को एक-एक करके हटाया जा रहा है। हालांकि, दिए गए इनपुट में इस आरोप के समर्थन में कोई अलग तथ्य या उदाहरण नहीं दिया गया है।
भाजपा ने दोनों मुद्दों पर विपक्ष को घेरा
सुधांशु त्रिवेदी के बयानों में झारखंड परीक्षा विवाद और कांग्रेस में महिला प्रतिनिधित्व दोनों को राजनीतिक मुद्दे के तौर पर उठाया गया। झारखंड परीक्षा मामले में उन्होंने स्ट्रॉन्ग रूम से प्रश्नपत्र बाहर निकाले जाने और उनमें बदलाव किए जाने का दावा करते हुए इसे गंभीर परीक्षा घोटाला बताया।
वहीं, कांग्रेस में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को लेकर उन्होंने राहुल गांधी और खरगे पर निशाना साधा। इस तरह भाजपा सांसद ने अपने बयान में झारखंड के अभ्यर्थियों से जुड़े परीक्षा विवाद के साथ कांग्रेस की राजनीति में महिलाओं की भूमिका को लेकर भी विपक्ष को घेरा।
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